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महासमुंद में ‘न्याय’ की गूंज: 35,226 भूमिहीन परिवारों के खातों में बरसी ‘सुशासन’ की सौगात

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महासमुंद संवाददाता – अब्दुल रफ़ीक खान

₹35.22 करोड़ की राशि सीधे बैंक खातों में अंतरित, ₹10,000 की बढ़ी हुई राशि से खिले चेहरे

महासमुंद। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के कमजोर और वंचित तबके को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। महासमुंद जिले में ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के अंतर्गत आज एक गरिमामय समारोह में 35,226 पात्र हितग्राहियों को ₹10,000 की सहायता राशि की पहली किस्त डीबीटी (DBT) के माध्यम से प्रदान की गई।

सीधे खातों में पहुँची राशि, गरीबों को संबल

बलौदाबाजार जिले से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा राज्यव्यापी योजना का आगाज करने के बाद, महासमुंद कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में हितग्राहियों के खातों में राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री साय ने डीबीटी के माध्यम से प्रदेश के 4.95 लाख हितग्राहियों को ₹495.96 करोड़ की सौगात दी, जिसका सीधा लाभ महासमुंद जिले को भी मिला।

‘अंत्योदय’ की परिकल्पना साकार: चंद्रहास चंद्राकर

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष और मुख्य अतिथि चंद्रहास चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा:

“ग्रामीण अंचलों के भूमिहीन परिवार, जो आर्थिक रूप से सबसे कमजोर थे, उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना साय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह योजना पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘अंत्योदय’ के सपने को साकार कर रही है—अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना।”

योजना की मुख्य बातें: 7 हजार से बढ़कर हुआ 10 हजार

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने योजना की कई महत्वपूर्ण खूबियों पर प्रकाश डाला:

•राहत की बड़ी सौगात: जिला स्काउट एवं गाइड अध्यक्ष ऐतराम साहू ने सराहा कि साय सरकार ने पूर्व में दी जा रही ₹7,000 की राशि को बढ़ाकर ₹10,000 प्रति वर्ष कर दिया है, जो एक बड़ा आर्थिक सहारा है।

•व्यापक दायरा: इस योजना में अब कृषि मजदूरों के अलावा वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी जैसे पारंपरिक सेवा प्रदाताओं को भी शामिल किया गया है।

•आस्था का सम्मान: अनुसूचित क्षेत्रों के देवस्थलों के पुजारी, बैगा, गुनिया और माँझी परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिल रहा है।

आत्मनिर्भरता का मंत्र: जिला पंचायत सीईओ

जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने हितग्राहियों से अपील की कि वे इस राशि का उपयोग केवल दैनिक खर्चों तक सीमित न रखें। उन्होंने सुझाव दिया कि वे इस राशि का निवेश स्वरोजगार, छोटे व्यवसाय, उद्यानिकी या कृषि आधारित गतिविधियों में करें, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके।

गरिमामय उपस्थिति

कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर सहित जनप्रतिनिधि निधि चंद्राकर, महेंद्र सिक्का, राहुल चंद्राकर, प्रकाश शर्मा और प्रशासनिक अधिकारी अपर कलेक्टर रवि साहू, एसडीएम अक्षा गुप्ता व तहसीलदार जुगल किशोर पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

 

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