गुरदीप सिंह/गैवरा, छत्तीसगढ़: एसईसीएल गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम नरईबोध सहित आसपास के गांवों के विस्थापित ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नाराज ग्रामीणों ने गेवरा खदान और पीएनसी कंपनी के कार्य को बंद कराते हुए प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जताया।
ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के बावजूद उन्हें अब तक रोजगार नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि 18 मार्च 2026 को प्रबंधन ने 5 ड्राइवरों और 5 सामान्य मजदूरों को जॉइनिंग देने का वादा किया था, लेकिन 25 मार्च तक किसी भी व्यक्ति को नियुक्ति नहीं मिली। इस वादाखिलाफी से क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने सख्त कदम उठाते हुए काम बंद करा दिया।
विस्थापितों का कहना है कि वे लंबे समय से रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि परियोजना के लिए अपनी जमीन और घर छोड़ने के बावजूद उन्हें उचित अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं।
प्रमुख मांगें:
- पूर्व लिखित समझौते के अनुसार 15 प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल जॉइनिंग दी जाए
- विस्थापितों को स्थायी रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
- मुआवजा एवं पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए
- विस्थापित परिवारों से किए गए सभी वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। वहीं, प्रबंधन की ओर से इस मामले में अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







