युसूफ खान/कुसमी –
रामनवमी के पावन अवसर पर नगर कुसमी में आस्था, उत्साह और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां महामाया मंदिर, कुम्हारपारा से प्रारंभ होकर शिव मंदिर तक निकली भव्य शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा ने नगर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए पूरे क्षेत्र को धार्मिक रंग में रंग दिया।
शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की सजीव एवं आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ती रही। जगह-जगह श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कई स्थानों पर स्वागत मंच बनाकर जलपान एवं प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई थी।
यात्रा में शामिल युवा ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर चलते नजर आए, वहीं महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में भक्ति गीतों के साथ शामिल होकर माहौल को और अधिक भक्तिमय बना रही थीं। बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला, जो विभिन्न धार्मिक रूपों में सजे हुए यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे।
आयोजन समिति द्वारा शोभायात्रा को सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई
थीं। मार्ग व्यवस्था, झांकियों का क्रम, भीड़ नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर समिति के सदस्य लगातार सक्रिय रहे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस बल भी पूरे समय मुस्तैद रहा, जिससे आयोजन बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
नगर के विभिन्न वर्गों एवं समुदायों के लोगों ने एकजुट होकर इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई, जिससे सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का भी संदेश मिला। पूरे आयोजन के दौरान कुसमी नगर में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा, जिसने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया बल्कि सांस्कृतिक एकता की भी सुंदर मिसाल पेश की।
रामनवमी के इस अवसर पर आयोजित शोभायात्रा ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि कुसमी नगर में धार्मिक परंपराओं के प्रति लोगों का जुड़ाव और उत्साह आज भी उतना ही जीवंत और मजबूत है।







