महासमुंद संवाददाता – अब्दुल रफ़ीक खान
1 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण, मोबाइल ऐप और 34 सवालों पर केंद्रित रहा तीन दिवसीय कार्यशाला
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में आगामी 1 मई से शुरू होने वाले जनगणना के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) को लेकर महासमुंद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुंद, बागबाहरा, कोमाखान और तुमगांव चार्ज के फील्ड ट्रेनर्स के लिए वन प्रशिक्षण शाला में आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर संपन्न हुआ।
गंभीरता से सीखें, क्योंकि आपको ही तैयार करनी है ‘प्रगणकों’ की फौज: अपर कलेक्टर
प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा ने फील्ड ट्रेनर्स को उत्तरदायित्व का बोध कराया। उन्होंने कहा कि फील्ड ट्रेनर्स की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हीं के कंधों पर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों (Supervisors) को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी है। जिला जनगणना अधिकारी मनोज कुमार खांडे ने भी तकनीकी बारीकियों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डिजिटल जनगणना: पेन-कागज नहीं, मोबाइल ऐप से होगा काम
इस बार की जनगणना पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल होगी। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने फील्ड ट्रेनर्स को निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया:
* HLO मोबाइल ऐप: मास्टर ट्रेनर तोषण गिरि गोस्वामी ने सभी ट्रेनर्स के मोबाइल में ‘एचएलओ’ ऐप इंस्टॉल करवाकर लॉगिन कराया और व्यावहारिक (Practical) ट्रेनिंग दी।
* 34 महत्वपूर्ण प्रश्न: प्रगणकों द्वारा पूछे जाने वाले कुल 34 सवालों और उनके सटीक उत्तर दर्ज करने की विधि समझाई गई।
* नजरी नक्शा: डिजिटल प्रविष्टि के साथ-साथ क्षेत्रों का नजरी नक्शा तैयार करने की पुरानी और सटीक पद्धति पर भी चर्चा हुई।
* पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन: जनगणना कार्य निदेशालय रायपुर के उप संचालक मनोज कुमार महिलांगे ने पीपीटी के जरिए जनगणना अधिनियम और आधारभूत शब्दों की व्याख्या की।
क्षेत्रीय अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यशाला के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में डेटा फीडिंग का अभ्यास किया गया ताकि फील्ड में कोई त्रुटि न हो। इस अवसर पर तहसीलदार भवानी शंकर साव, प्रभारी अधिकारी रणधीर सिंह बघेल और ओमनारायण शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: न्यूज 36 गढ़







