कुसमी बलरामपुर
संवाददाता युसूफ खान
कुसमी, 02 अप्रैल 2026 (गुरुवार)।
आदिवासी समाज के प्रमुख और पारंपरिक पर्व सरहुल (खद्दी) महापर्व के अवसर पर आज कुसमी में भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर पूजा-अर्चना, विशाल शोभा यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसाद वितरण जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन को लेकर क्षेत्र में सुबह से ही उत्साह और उमंग का माहौल बना हुआ है, वहीं ग्रामीणों और समाज के लोगों ने कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सरहुल पर्व प्रकृति पूजा का प्रतीक माना जाता है, जिसमें साल वृक्ष और प्रकृति के प्रति आस्था व्यक्त की जाती है। इस दिन आदिवासी समाज पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर अपने रीति-रिवाजों के साथ उत्सव मनाता है। कुसमी में भी इस अवसर पर पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और सांस्कृतिक झांकियों के साथ शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जो पूरे नगर में भ्रमण करेगी।

शोभा यात्रा में विभिन्न गांवों से आए युवक-युवतियां पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुन और रंग-बिरंगी झांकियां इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेंगी। इसके अलावा समाज के बुजुर्गों द्वारा पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाएगी।
कार्यक्रम का विस्तृत समय-निर्धारण इस प्रकार है:
सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक — पूजा-अर्चना
11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक — भव्य शोभा यात्रा
दोपहर 3:00 बजे से 4:00 बजे तक — सांस्कृतिक कार्यक्रम
शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे तक — प्रसाद वितरण
आयोजक सरहुल पूजा समिति, कुसमी ने क्षेत्र के सभी समाजजनों, युवाओं और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। समिति ने यह भी निवेदन किया है कि लोग अपने-अपने माध्यम से इस महापर्व की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं, ताकि समाज की संस्कृति और परंपरा का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।
इस आयोजन को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। कुसमी सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन की ओर से भी आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाने की जानकारी मिली है।







