Home मनोरंजन “दिव्या दत्ता की वेब सीरीज ‘चिरैया’ पर सोशल मीडिया पर विवाद, मैरिटल...

“दिव्या दत्ता की वेब सीरीज ‘चिरैया’ पर सोशल मीडिया पर विवाद, मैरिटल रेप और सहमति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर तोड़ी चुप्पी, अभिनेत्री प्रसन्ना बिष्ट ने किया खुलासा”

16
0

हाल ही में रिलीज़ हुई वेब सीरीज ‘चिरैया’ सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यह सीरीज शादीशुदा रिश्तों में सहमति, महिलाओं की गरिमा और घरेलू हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दों को पर्दे पर उठाती है।

जहां एक तरफ कई दर्शक इसे साहसिक और जरूरी प्रयास बता रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने इसे “पुरुषों के खिलाफ प्रोपेगेंडा” कहकर आलोचना भी शुरू कर दी। इस विवाद पर सीरीज में मुख्य भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री प्रसन्ना बिष्ट ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है।

“महिला के शरीर पर उसका अधिकार समझना जरूरी”

प्रसन्ना बिष्ट ने साफ कहा कि समाज को बदलती सोच को अपनाना चाहिए। उनके अनुसार, सीरीज का मकसद किसी के खिलाफ माहौल बनाना नहीं है, बल्कि यह बताना है कि किसी भी रिश्ते में सहमति का महत्व कितना अहम है। उन्होंने कहा,

“अगर कोई इसे प्रोपेगेंडा मानता है, तो यह दुखद है और सोचने वाली बात है। समाज की सोच समय के साथ बदलती है, इसलिए हमें खुले दिल से इन मुद्दों पर विचार करना चाहिए।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पूरी कहानी देखे किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं है।

गलत आंकड़ों पर भी दिया जवाब

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि सीरीज में शादीशुदा महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार के आंकड़े दिखाए गए हैं। इस पर प्रसन्ना ने कहा कि शो में ऐसे किसी आंकड़े का उल्लेख नहीं किया गया है। उनका कहना है कि दर्शकों को पहले पूरी सीरीज देखनी चाहिए, उसके बाद ही राय बनानी चाहिए।

करियर की शुरुआत में भी नहीं डरीं चुनौती से

अपने किरदार को लेकर पूछे जाने पर प्रसन्ना ने कहा कि जब समाज में कई लड़कियां कम उम्र में ही उत्पीड़न का सामना करती हैं, तो ऐसे मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बन सकती।
उनके अनुसार, इस तरह की भूमिका निभाना केवल अभिनय नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी भी थी।

हर पुरुष को गलत दिखाया नहीं गया

प्रसन्ना बिष्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सीरीज में ऐसे पुरुष किरदार भी हैं जो महिलाओं का सम्मान करते हैं और उनका समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि केवल नकारात्मक पहलू पर ध्यान देना शो की वास्तविकता को नहीं दिखाता।

समाज में संवेदनशील मुद्दों पर खुली चर्चा की जरूरत

प्रसन्ना का मानना है कि समाज को इन मुद्दों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर माहौल बन सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी कहानियां दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेंगी और सकारात्मक बदलाव की दिशा में मदद करेंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here