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मरघट से लगी शासकीय भूमि पर सैकड़ों पेड़ों की कटाई, कब्जे के प्रयास से ग्रामीणों में आक्रोश

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बलरामपुर संवाददाता युसूफ खान
कलेक्टर के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
02 अप्रैल गुरुवार, 2026।
कुसमी। बलरामपुर – रामानुजगंज जिला के सामरी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत टाटीझरिया के सहायक ग्राम मैलपारा में शासकीय भूमि पर कथित कब्जे और सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने दिनांक 1 अप्रैल दिन बुधवार को कलेक्टर बलरामपुर के नाम पर कुसमी एसडीएम को आवेदन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
 
ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर के नाम पर दिए गए आवेदन के अनुसार, मैलपारा स्थित खसरा क्रमांक 662 की भूमि शासकीय है, जिसमें “भुईया” ऐप पर करीब 40 व्यक्तियों के नाम दर्ज बताए जा रहे हैं। राजस्व निरीक्षक फूलचंद एक्का ने ग्रामीणों को जानकारी दी कि जिन लोगों के नाम ऐप में दर्ज हैं, उन्हें पट्टा जारी किया गया है। हालांकि, जमीन का अब तक विधिवत नक्शा या सीमांकन नहीं किया गया है।
इसी स्थिति का लाभ उठाते हुए गांव के प्रभु नगेसिया पर आरोप है कि उन्होंने मरघट स्थल और उससे सटी शासकीय भूमि पर कब्जा करने की नीयत से सैकड़ों पेड़ों की कटाई करवा दी। ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल वन विभाग कुसमी को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पटवारी अनिल तिग्गा के साथ पंचनामा तैयार किया, लेकिन यह कहकर लौट गई कि जमीन राजस्व विभाग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा पंचनामा तैयार करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं 25 मार्च 2026 को राजस्व निरीक्षक फूलचंद एक्का के पुनः मौके पर पहुंचने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने दबाव बनाकर पंचनामा पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की, जिसका विरोध किया गया। इसके बाद नया पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें यह उल्लेख किया गया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा पट्टा प्रस्तुत करने के बाद ही जमीन की नपाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने राजस्व निरीक्षक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि वे कब्जा करने वाले व्यक्ति के साथ मिलीभगत कर उसे लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की जाए तथा वन विभाग और राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की भी मांग की गई है।
ग्रामीणों की मांग.. एसडीएम ने किया अस्वस्थ..!
गांव के ग्रामीणों का कहना हैं की पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषीयों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि का सीमांकन और अतिक्रमण रोककर अवैध पेड़ कटाई पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इस पुरे विषय पर एसडीएम कुसमी अनमोल विवेक टोप्पो ने ग्रामीणों को अस्वस्थ करते हुवे जांच कार्यवाही की बाते कहीं हैं।

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