जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा जांजगीर चांपा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग पर लागू की गई नई कैशलेस टोल व्यवस्था के खिलाफ अब जनता और वाहन चालकों में नाराजगी साफ दिखाई देने लगी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देश के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर नगद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है और अब केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही टोल शुल्क लिया जा रहा है।
अचानक फैसले से बढ़ी दिक्कतें
इस फैसले के लागू होते ही सबसे ज्यादा परेशानी उन वाहन चालकों को हो रही है, जिनके पास FASTag नहीं है या जिनका बैलेंस खत्म हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कई लोग डिजिटल भुगतान से अभी भी पूरी तरह परिचित नहीं हैं, जिससे उन्हें टोल प्लाजा पर घंटों परेशान होना पड़ रहा है।
नेटवर्क और तकनीकी समस्या बनी बाधा
कई टोल प्लाजा पर नेटवर्क की समस्या भी सामने आ रही है। FASTag स्कैन नहीं होने या UPI पेमेंट फेल होने की स्थिति में वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है और समय की भारी बर्बादी हो रही है।
ड्राइवरों की बढ़ी मुश्किलें
ट्रक और बस ड्राइवरों का कहना है कि लंबे सफर के दौरान हर बार FASTag रिचार्ज कर पाना आसान नहीं होता। कई बार अचानक बैलेंस खत्म होने पर उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। पहले जहां नगद भुगतान से काम तुरंत हो जाता था, वहीं अब डिजिटल व्यवस्था ने प्रक्रिया को जटिल बना दिया है।
आम जनता में असंतोष
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और संबंधित विभाग को इस तरह का बड़ा फैसला लागू करने से पहले पर्याप्त जागरूकता अभियान चलाना चाहिए था। अचानक लागू नियमों से आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
विरोध की उठ रही आवाजें
टोल प्लाजा पर कई जगहों पर वाहन चालकों ने इस व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताया है। लोगों की मांग है कि जब तक पूरी तरह से डिजिटल सुविधा हर व्यक्ति तक नहीं पहुंचती, तब तक नगद भुगतान की सुविधा भी चालू रखी जाए।
प्रशासन से मांग
जनता और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि:
टोल प्लाजा पर नगद भुगतान की आंशिक सुविधा फिर से शुरू की जाए
नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं को तुरंत सुधारा जाए
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान के लिए जागरूकता बढ़ाई जाए
डिजिटल इंडिया की दिशा में यह कदम निश्चित रूप से भविष्य के लिए जरूरी है, लेकिन बिना पर्याप्त तैयारी और व्यवस्था के लागू किए गए नियम आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
डिजिटल इंडिया की दिशा में यह कदम निश्चित रूप से भविष्य के लिए जरूरी है, लेकिन बिना पर्याप्त तैयारी और व्यवस्था के लागू किए गए नियम आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो यह असंतोष और बड़ा रूप ले सकता है।







