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करपावंड सरपंच ने हाईकोर्ट के आदेश को बताया रद्दी कागज का टुकड़ा: पूर्व सरपंच का आरोप

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

बुलडोजर एक्शन पर घिरे सरपंच लखमू राम नेताम 
सरपंच के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित करेंगे आंदोलन 
जगदलपुर। करपावंड के पूर्व सरपंच कामता प्रसाद कोर्राम, पंच एवं ग्रामीणों ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया है कि सरपंच लखमू राम नेताम अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अतिक्रमण का हवाला देकर व्यापारियों एवं ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं। जबकि पीड़ितों को हाईकोर्ट से भी स्टे मिल चुका है।

श्री कोर्राम ने बताया कि सरपंच कोर्ट के आदेश को मानने को तैयार नहीं हैं।सरपंच द्वारा कहा जाता है कि कोर्ट का आदेश रद्दी कागज का टुकड़ा है, हम पंचायत के प्रस्ताव को सर्वोपरि मानते हैं। श्री कोर्राम ने बताया कि सरपंच के खिलाफ जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग को शिकायत की जा चुकी है। सरपंच के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।पत्रकार भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व सरपंच कामता कोर्राम एवं ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान सरपंच द्वारा मंदिर का हवाला देकर एक गरीब महिला के आवास को जेसीबी से तोड़ दिया गया है। जबकि उक्त महिला को वनाधिकार पट्टा मिला हुआ है। इसी प्रकार अन्य 6 लोगों की दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया है। पूर्व सरपंच श्री कोर्राम और ग्रामीणों ने मौजूदा सरपंच पर पद की आड़ में दबंगई दिखाने का आरोप लगाया है। श्री कोर्राम ने बताया कि लोगों को अतिक्रमण के नाम पर आपस में लड़ाकर गांव की शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 6 व्यापारियों की दुकानें तोड़ने का फरमान जारी किया गया है जबकि सभी ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है। उक्त स्टे ऑर्डर को भी सरपंच मानने को तैयार नहीं है।

निजी भूमि पर कब्जा पर कब्जे का आरोप
श्री कोर्राम ने बताया कि सरंपच द्वारा एक ग्रामीण से वर्ष 2009 में 12 डिसमिल जमीन क्रय की गई थी, जबकि सरपंच ने 50 डिसमिल से अधिक भूमि पर कब्जा जमा लिया है। कमिश्नर न्यायालय द्वारा उक्त भूमि से कब्जा खाली करने का फरमान जारी किया जा चुका है। श्री कोर्राम ने आरोप लगाया है कि सरपंच लखमू राम नेताम द्वारा पंचायत में प्रस्ताव पारित कर कई दुकानों पर बुलडोजर चलवाया जा चुका है, जो नियमों के विरूद्ध है। जबकि पंचायत को प्रस्ताव पारित कर तहसीलदार को सूचना देने पर संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर कार्रवाई करने का अधिकार है। मामला तहसील न्यायालय में विचाराधीन होने के बाद भी सरपंच ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए दुकानों पर बुलडोजर चलाया है। जिसकी शिकायत जिला प्रशासन एवं भाजपा नेताओं से भी की जा चुकी है।

कोर्ट के आदेश का पता नहीं: नेताम
वहीं सरपंच लखमू राम नेताम ने बताया कि पंचायत से प्रस्ताव पारित कर तहसीलदार को अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था। तहसीलदार ने बात नहीं मानी तब उक्त अतिक्रमण हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट से स्टे की जानकारी उन्हें नहीं है। सरपंच श्री नेताम ने कहा कि कि उन्होंने किसी की निजी भूमि पर कब्जा नहीं किया है, मगर 79 डिसमिल शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने की बात सरपंच ने स्वीकार की है।

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