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कुम्हारी में शिव महापुराण कथा का आयोजन, शिव-पार्वती विवाह प्रसंग से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

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संवादाता डुगेश्वर संजू साहू

भवानीपुर (पलारी)। ग्राम पंचायत कुम्हारी में 07 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक शिव महापुराण कथा का भव्य एवं श्रद्धामय आयोजन किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर कथा व्यास विदुषी देवी भूमिका द्वारा शिव महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान कराया जा रहा है, वहीं पारायण कर्ता के रूप में टिकेन्द्र धर दिवान अपनी भूमिका निभा रहे हैं। आयोजन समस्त ग्रामवासी कुम्हारी के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा श्रवण कर रहे हैं।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस मंगलवार को भव्य कलश यात्रा, विधिवत वेदी पूजन एवं शिवपुराण महात्म्य के साथ कथा का शुभारंभ हुआ। द्वितीय दिवस बुधवार को शिवलिंग की उत्पत्ति, उसके महात्म्य एवं पूजन विधि का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। तृतीय दिवस गुरुवार को नारद मोह, शिव-सती विवाह, सती चरित्र एवं माता पार्वती के जन्म का प्रसंग सुनाया गया, जिससे श्रोतागण भाव-विभोर हो उठे।

शिव महापुराण कथा के चौथे दिन शुक्रवार को कथा व्यास विदुषी देवी भूमिका ने अत्यंत भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक प्रसंगों का सजीव वर्णन किया। इस दिन माता पार्वती की कठोर तपस्या, भगवान शिव की नटलीलाएं एवं शिव-पार्वती विवाह महोत्सव का विस्तृत वर्णन किया गया। कथा के दौरान बताया गया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की। उन्होंने राजसी सुखों का त्याग कर वन में रहकर घोर साधना की, जो उनकी अटूट श्रद्धा, समर्पण और दृढ़ निश्चय का प्रतीक है। यह प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक संदेश लेकर आया कि सच्ची भक्ति और विश्वास से ईश्वर की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।

इसके पश्चात भगवान शिव की नटलीलाओं का रोचक वर्णन किया गया, जिसमें उनके भोले, सरल और करुणामय स्वरूप को दर्शाया गया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची भावना से शीघ्र प्रसन्न होते हैं और उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। कथा का मुख्य आकर्षण शिव-पार्वती विवाह महोत्सव रहा। इस दिव्य प्रसंग का वर्णन करते हुए देवी भूमिका ने भगवान शिव की अनोखी बारात, जिसमें भूत-प्रेत, गण एवं देवगण शामिल थे, का सजीव चित्रण किया। वहीं माता पार्वती की भक्ति, सौम्यता और मर्यादा का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरे पंडाल में “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंज उठे और वातावरण भक्तिमय हो गया।

इस प्रकार शिव महापुराण कथा का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि ग्राम में आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक एकता का संदेश भी प्रसारित कर रहा है। आयोजन के आगामी दिनों में भी विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।

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