बलरामपुर संवाददाता युसूफ खान
बलरामपुर जिले के सामरीपाठ थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य एवं स्थायी वारंटी मुन्ना कोरवा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब 13 वर्षों से फरार चल रहा था और लगातार पुलिस की पकड़ से बचता फिर रहा था। पुलिस ने उसे झारखंड के भण्डरिया क्षेत्र से दबिश देकर पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपी मुन्ना कोरवा (33 वर्ष), पिता भोगड़ो कोरवा, निवासी ग्राम टेहड़ी, थाना भण्डरिया, जिला लातेहार (झारखंड) का रहने वाला है।
2012 की वारदात से जुड़ा मामला
फरवरी 2012 में नक्सलियों द्वारा ग्राम पुन्दाग में लखू यादव को बंधक बनाकर मारपीट की गई थी। आरोप है कि नक्सली दस्ता के मुख्य सदस्य इकबाल यादव के कहने पर लखू यादव की हत्या की नीयत से उस पर गोली चलाई गई थी। हालांकि, लखू यादव किसी तरह जान बचाकर जंगल की ओर भागने में सफल रहा था।
घटना के संबंध में थाना सामरीपाठ में अपराध क्रमांक 02/2012 के तहत धारा 147, 148, 149, 342, 395, 307, 232, 120 (बी) भादवि तथा 25 एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद न्यायालय रामानुजगंज से आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया था।
पुलिस ने ऐसे दबोचा
पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि फरार आरोपी मुन्ना कोरवा झारखंड के टेहड़ी (भण्डरिया) क्षेत्र में छिपकर रह रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर (IPS) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी एवं एसडीओपी कुसमी आशीष कुंजाम के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
गठित टीम ने झारखंड पहुंचकर दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर सामरीपाठ थाना लाया गया। विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद शनिवार 11 अप्रैल 2026 को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक आनन्द मसीह तिर्की, प्रधान आरक्षक विनोद सिंह, आरक्षक मोतीराम राजवाड़े, ओमकार रजक एवं अजय कुमार की सराहनीय भूमिका रही।
लंबे समय से फरार नक्सली सदस्य की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।







