लक्ष्मी नारायण लहरे/सारंगढ़। सारंगढ़ नगर की प्रांजल विशेष स्कूल में मंगलवार को भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और सामाजिक समरसता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों ने न केवल बाबा साहब को याद किया, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में संस्था की प्रमुख और जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती हीरा देवी निराला रहीं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के साथ केक काटकर और बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति
जयंती के अवसर पर विशेष बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मूक-बधिर बच्चों ने सांकेतिक भाषा में ‘हम होंगे कामयाब’ गीत प्रस्तुत कर सभी को भावुक कर दिया। वहीं दृष्टिबाधित बच्चों ने बाबा साहब के जीवन पर आधारित कविता पाठ किया। बच्चों द्वारा बनाई गई बाबा साहब की पेंटिंग्स भी प्रदर्शनी में लगाई गईं।
हीरा देवी निराला ने दिया प्रेरणादायक संदेश
अपने संबोधन में श्रीमती हीरा देवी निराला ने कहा, “बाबा साहब ने ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ का जो नारा दिया था, वह इन विशेष बच्चों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। शिक्षा ही वह हथियार है जिससे हर बाधा को पार किया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि दिव्यांगता शरीर में होती है, हौसले में नहीं। ये बच्चे समाज के लिए मिसाल हैं।
प्रांजल विशेष स्कूल दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय काम संस्था प्रमुख श्रीमती हिरा देवी निराला कर रही हैं । इस दौरान उन्होंने बच्चों को कॉपी, किताबें और मिष्ठान वितरित किए।
कार्यक्रम में स्कूल के संचालक, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन स्कूल के प्राचार्य ने किया और अंत में आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।







