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रायपुर से दिल दहला देने वाली वारदात: मोबाइल रील देखने से मना करने पर पत्नी और बेटियों ने कर दी घर के मुखिया की हत्या

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रायपुर संवाददाता – रघुराज
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों की पवित्रता और आधुनिक जीवनशैली के दुष्प्रभावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में महज मोबाइल पर रील देखने के विवाद ने इतना उग्र रूप धारण किया कि एक परिवार ने मिलकर अपने ही मुखिया की बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि मामूली सी बात पर कोई अपनों का खून कैसे बहा सकता है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान वीरेंद्र भारती गोस्वामी के रूप में हुई है, जो डीडी नगर इलाके का निवासी था। घटना की शुरुआत तब हुई जब वीरेंद्र ने अपनी बेटियों को देर रात तक मोबाइल फोन पर रील देखते हुए पाया। पिता होने के नाते उन्होंने अपनी बेटियों को टोका और देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी। वीरेंद्र का मानना था कि देर रात तक जागकर रील देखना स्वास्थ्य और अनुशासन के लिहाज से ठीक नहीं है। हालांकि, बेटियों को पिता की यह नसीहत पसंद नहीं आई और उन्होंने पलटकर बहस शुरू कर दी।
देखते ही देखते यह सामान्य सी बहस एक हिंसक विवाद में तब्दील हो गई। इस विवाद में वीरेंद्र की पत्नी ने अपनी बेटियों का पक्ष लिया और पति के विरोध में खड़ी हो गई। आवेश में आकर तीनों ने मिलकर वीरेंद्र पर हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि घर में रखी ईंट और डंडे से वीरेंद्र के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार किए गए। चोट इतनी गंभीर थी कि वीरेंद्र मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई।
पड़ोसियों ने जब शोर सुना और घर की स्थिति देखी, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची डीडी नगर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी पत्नी और दोनों बेटियों को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती पूछताछ में यह बात निकलकर आई है कि घर में अक्सर मोबाइल इस्तेमाल और अन्य छोटी बातों को लेकर अनबन रहती थी, लेकिन उस रात विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया।
यह घटना समाज के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया की लत लोगों में चिड़चिड़ापन और उग्रता बढ़ा रही है। सहनशक्ति की कमी के कारण लोग अपनों पर ही जानलेवा हमला करने से नहीं चूक रहे हैं। रायपुर की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि यदि समय रहते तकनीक के उपयोग और आपसी संवाद को संतुलित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में ऐसे घरेलू अपराधों की संख्या और बढ़ सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे के अन्य संभावित कारणों का भी पता लगाया जा सके। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और मृतक के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।

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