आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुका है, लेकिन यही सुविधा अब धीरे-धीरे तनाव की वजह भी बन रही है। दिल्ली स्थित पीएसआरआई हॉस्पिटल में साइकोलॉजिस्ट और काउंसलर अर्पिता कोहली, कहती हैं कि फोन का लगातार इस्तेमाल हमारे दिमाग को हमेशा एक्टिव और अलर्ट रखता है। बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग और हर समय उपलब्ध रहने का दबाव मानसिक थकान और तनाव को बढ़ा सकता है। ऐसेमे जानते हैं इसके नुकसान और 24 घंटे फ़ोन नहीं इस्तेमाल करने से क्या होगा?
तेजी से बढ़ता है मानसिक दबाव
कई लोग बिना फोन के कुछ समय भी नहीं रह पाते और बार-बार उसे चेक करने की आदत विकसित हो जाती है। यह आदत धीरे-धीरे चिंता और बेचैनी में बदल सकती है। जब फोन पास नहीं होता, तो व्यक्ति को लगता है कि वह कुछ महत्वपूर्ण मिस कर रहा है, जिससे मानसिक दबाव और तेजी से बढ़ता है। लगातार फोन का इस्तेमाल करने से नींद नहीं आती है जिससे लोग बहुत ज़्यादा तनाव का अनुभव कर सकते हैं। यह आदत मेंटल हेल्थ के लिए बहुत ज़्यादा खतरनाक है।
24 घंटे फ़ोन नहीं इस्तेमाल करने से क्या होगा?
अगर कोई व्यक्ति 24 घंटे के लिए फोन से दूर रहता है, तो शुरुआत में उसे असहजता महसूस हो सकती है। बार-बार फोन देखने की इच्छा, खालीपन या हल्की घबराहट महसूस होना सामान्य है। यह एक तरह का मानसिक रिएक्शन है, क्योंकि दिमाग उस आदत का आदी हो चुका होता है।
- सकारात्मक असर: फोन से दूरी बनाने पर कुछ समय बाद, दिमाग को आराम मिलता है, ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ती है और व्यक्ति खुद को ज्यादा शांत महसूस करता है। डिजिटल ब्रेक लेने के बाद मूड बेहतर होता है और लोग मानसिक रूप से हल्का महसूस करते हैं।
- नींद आती है बेहतर: स्क्रीन से दूरी बनाने पर नींद भी बेहतर होती है, क्योंकि फोन की रोशनी और लगातार उपयोग नींद के पैटर्न को प्रभावित करता है। जब व्यक्ति फोन से दूर रहता है, तो वह अपने आसपास के लोगों और माहौल पर ज्यादा ध्यान देता है, जिससे रिश्ते भी मजबूत होते हैं।
हालांकि 24 घंटे बिना फोन के रहना कोई स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन यह आपको अपनी आदतों को समझने का मौका जरूर देता है। इससे यह पता चलता है कि आप फोन पर कितने निर्भर हैं और आपको अपने स्क्रीन टाइम को कितना संतुलित करने की जरूरत है।








