एमसीबी संवाददाता – हनुमान प्रसाद यादव
एमसीबी/ राज्य शासन द्वारा आगामी समय में सुशासन तिहार एवं जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए शासकीय कार्यों के सुचारू संचालन हेतु अगले 03 माह के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार किसी भी शासकीय सेवक को सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बिना अवकाश पर प्रस्थान करने की अनुमति नहीं होगी। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि बिना पूर्व स्वीकृति के कार्यालय से अनुपस्थित रहना स्वैच्छिक अनुपस्थिति माना जाएगा, जिसे सेवा नियमों के तहत ब्रेक इन सर्विस (सेवा में व्यवधान) के रूप में दर्ज किया जा सकता है तथा संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राज्य शासन ने यह भी निर्देशित किया है कि आकस्मिक अवकाश की स्थिति में भी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी द्वारा यथासंभव दूरभाष अथवा डिजिटल माध्यम से पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा तथा कार्यालय में उपस्थित होने के पश्चात इसकी लिखित पुष्टि करना आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त, दीर्घकालीन अवकाश (जैसे अर्जित अवकाश) पर जाने से पूर्व संबंधित कर्मचारी को अपने समस्त कार्यों का प्रभार अन्य अधिकारी अथवा कर्मचारी को विधिवत हस्तांतरित करना अनिवार्य किया गया है, ताकि कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। राज्य शासन ने सभी विभागों को उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं निरंतरता बनी रहे।








