महासमुंद संवाददाता – अब्दुल रफीक खान
महासमुंद।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप, आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने और शासन की सेवाओं को सीधे नागरिकों तक पहुँचाने के लिए महासमुंद जिले में इस वर्ष भी ‘सुशासन तिहार-2026’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। आगामी 1 मई से 10 जून 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिले के कोने-कोने में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे।
कलेक्टर ने सौंपी जिम्मेदारी: जिला पंचायत CEO होंगे नोडल अधिकारी
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस महत्वपूर्ण अभियान की रूपरेखा तैयार करने और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक टीम तैनात कर दी है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला पंचायत) हेमन्त रमेश नंदनवार को पूरे कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह टीम ग्रामवार क्लस्टर कार्यक्रम और शिविरों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी।
पिछली सफलता को दोहराने की तैयारी
प्रशासन के अनुसार, पिछले वर्ष आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए थे, जिससे उत्साहित होकर इस वर्ष भी व्यापक स्तर पर शिविर लगाने का निर्णय लिया गया है। ये शिविर निम्नलिखित स्तरों पर आयोजित होंगे:
ग्राम पंचायत मुख्यालय
नगरीय निकाय कार्यालय
विकासखण्ड (ब्लॉक) मुख्यालय
जिला मुख्यालय स्तर
क्या होगा शिविरों का मुख्य उद्देश्य?
‘सुशासन तिहार’ का प्राथमिक लक्ष्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण और त्वरित समाधान करना है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
त्वरित समाधान: आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का मौके पर ही या समय सीमा के भीतर निराकरण।
योजनाओं की समीक्षा: शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है या नहीं, इसकी ज़मीनी समीक्षा करना।
सीधा संवाद: जनता, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ प्रशासन का सीधा तालमेल स्थापित करना ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।
इस अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन का लक्ष्य एक सुगम, पारदर्शी और जन-हितैषी कार्यप्रणाली को स्थापित करना है।








