अर्जुन झा/बकावंड। विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुवाचोंड में फर्जी बिलिंग का मामला सामने आया है। स्टेशनरी खरीदी बताकर 10 हजार रुपए का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक सामग्री विक्रेता फर्म को किया जाना बताकर राशि हड़प ली गई है। जबकि स्टेशनरी सामग्री बुक डिपो में मिलती है।
फर्जी भुगतान सत्र 2023-24 में वाउचर क्रमांक एक्सवी एफसी /2023-24/पी /2/8/2026 के तहत बैंक खाता संख्या 0004से सचिव रुपसिंह पटेल द्वारा 10 हजार रुपए का किया जाना दर्शाया गया है। राजवीर इलेक्ट्रॉनिक फर्म इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान है,यह फर्म अधिकांश पंचायतों में पुट्टी-पोताई और सीसी सड़क निर्माण का भी काम करती है। स्टेशनरी से इसका कोई लेना-देना नहीं है। स्टेशनरी का काम हमेशा अधिकृत बुक डिपो से कराया जाता है।

फिर इलेक्ट्रॉनिक फर्म को भुगतान क्यों? इस प्रकरण में सचिव का इरादा साफ दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार यह राजवीर इलेक्ट्रॉनिक फर्म बकावंड ब्लॉक की कई पंचायतों में पोताई-पेंटिंग और सड़क निर्माण के नाम पर भुगतान ले चुकी है। अब स्टेशनरी घोटाले में भी नाम आया है।यह भुगतान 15वें वित्त आयोग की राशि से हुआ है फर्जी फर्म को भुगतान करना गंभीर वित्तीय अनियमितता है।








