कोरबा
कोरबा के मुड़ापार बाईपास रोड स्थित कैरियर पब्लिक स्कूल के पास बिजली व्यवस्था को लेकर स्थानीय रहवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मोहल्लेवासियों ने नगर निगम, बिजली विभाग और प्रशासन को शिकायत सौंपते हुए क्षेत्र में लटकते बिजली तारों, टूटे पोल और हाईटेंशन लाइन से उत्पन्न खतरे पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल की छत और प्लेग्राउंड के ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। स्कूल संचालन के दौरान बच्चे उसी लाइन के नीचे खेलते रहते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। रहवासियों ने इसे बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही बताया है।

लोगों ने सवाल उठाया है कि जब स्कूल परिसर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी, तब आखिर ऐसे स्थान पर स्कूल संचालन की अनुमति कैसे दी गई।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस मामले में नगर निगम, नजूल विभाग और शिक्षा विभाग संयुक्त जांच करें तथा यह पता लगाया जाए कि अनुमति प्रक्रिया में कौन-कौन जिम्मेदार अधिकारी थे।


जमीन और दस्तावेजों पर भी उठे सवाल
मोहल्लेवासियों ने स्कूल की जमीन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिस जमीन पर वर्तमान में स्कूल संचालित हो रहा है, उसके दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति की जांच होना चाहिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार संबंधित व्यक्ति की मूल जमीन मुड़ापार बाजार के आगे किसी अन्य स्थान पर बताई जाती है, जबकि वर्तमान स्कूल परिसर का खसरा नंबर आसपास के अन्य खसरों से अलग दिखाई देता है। इससे लोगों में आशंका है कि दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन पर कब्जा किया गया हो सकता है।

रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि:
स्कूल भूमि का सीमांकन कराया जाए
खसरा नंबर और दस्तावेजों की जांच हो
वास्तविक जमीन की स्थिति सार्वजनिक की जाए
अनुमति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो
पहले से बिजली तारों का खतरा
इसके अलावा शिकायत में बताया गया है कि क्षेत्र में बिजली के तार काफी नीचे लटक रहे हैं और कई जगह पोल टूटे या गायब होने के कारण तार पेड़ों तथा लकड़ियों के सहारे टिके हुए हैं। इससे करंट लगने और आगजनी जैसी दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

मोहल्लेवासियों ने मांग की है कि:
नए बिजली पोल लगाए जाएं
लटकते तारों को तत्काल व्यवस्थित किया जाए
स्कूल और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा जांच कराई जाए
अब इस पूरे मामले में प्रशासन, शिक्षा विभाग और नजूल विभाग क्या कार्रवाई करते हैं, इस पर स्थानीय लोगों की नजर टिकी हुई है।








