अर्जुन झा/जगदलपुर। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले की एक सक्रिय महिला नक्सली ने आज आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के येतापाका सुरक्षा कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। यह महिला नक्सली उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम सिंगम्मोटू की निवासी है।
मिली जानकारी के अनुसार दूसरी सीआरसी, पीएलजीए बटालियन, डीकेएसजेडसी की महिला पार्टी सदस्य पोडियम लक्ष्मी उर्फ लक्ष्मी पति स्व. पाला ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। 8 मई को महिला नक्सली सदस्य ने स्वेच्छा से अल्लूरी सीताराम राजू जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) पंकज मीणा आईपीएस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पोडियम लक्ष्मी बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र के पोस्ट कमलापुरम अंतर्गत ग्राम सिंगम्मोटु की निवासी है। आत्मसमर्पण का कारण बताते हुए पोडियम लक्ष्मी ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की बढ़ती कार्रवाई और नए पुलिस कैंपों की स्थापना से नक्सलियों की गतिविधियां सीमित हो गई हैं तथा उनमें डर का माहौल बना है।नक्सलियों के प्रति जनता का समर्थन लगातार कम हो रहा है। माओवादी विचारधारा पर विश्वास घटने और संगठन के सिद्धांतों से निराशा के कारण कई सदस्य संगठन छोड़ रहे हैं।

छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में लगातार हो रही मुठभेड़ों में कई वरिष्ठ माओवादी नेताओं के मारे जाने से संगठन कमजोर हुआ है। आंध्रप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही पुनर्वास योजनाओं, रोजगार के अवसर, विकास कार्य तथा आत्मसमर्पण करने वालों को मिलने वाली आर्थिक सहायता, जमीन, नौकरी और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। इस अवसर पर एएसपी (ऑपरेशन) पंकज मीणा, आईपीएस ने आत्मसमर्पण करने वाली महिला से कहा कि वह सरकार की पुनर्वास और कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाकर सम्मानपूर्वक और शांतिपूर्ण जीवन जीएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पात्र सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी तथा सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कौशल विकास पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने अन्य नक्सली सदस्यों से भी अपील की कि वे नजदीकी पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करें या अपने परिवार के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करें और सामान्य जीवन में लौटें। इस कार्यक्रम में बी. हेमंत, आईपीएस, एएसपी चिंतूर उप-विभाग, बी. अप्पालराजू, एसआई पुलिस, येतापाका थाना तथा 141 और 212 बटालियन के अधिकारी उपस्थित थे।








