जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जांजगीर चांपा में “एकता में ही शक्ति है” — इस कहावत को चरितार्थ करते हुए महतारी सेवा समिति मानिकपुरी महिला समाज जिला जांजगीर-चांपा की महिलाओं ने अपने संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास से समाज में एक नई मिसाल कायम की है। कठिन परिस्थितियों, आर्थिक चुनौतियों और सामाजिक संघर्षों के बीच आगे बढ़ रही महिलाओं को जब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिला, तब उनके सपनों को नई उड़ान मिल गई।
समिति की अध्यक्षा श्रीमती रामशिला मानिकपुरी के नेतृत्व में महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में लगातार प्रयास किए। इस दौरान जिला पुलिस प्रशासन ने भी मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए महिलाओं के सम्मान और सुविधा के लिए महत्वपूर्ण पहल की।

बताया गया कि जिले के पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय ने चांपा स्थित सदगुरु कबीर साहेब धाम में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए भव्य बाथरूम निर्माण की व्यवस्था कराई। इस कार्य में चांपा थाना प्रभारी श्री अशोक वैष्णव एवं अधिकारी मुद्रिका दुबे ने भी विशेष मेहनत और समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाई। समिति की महिलाओं ने इसे केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि “नारी सम्मान का उपहार”
बताया। इसके साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर-चांपा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. खेमा दास महंत ने भी महिलाओं को निरंतर प्रोत्साहित करते हुए सामाजिक सहयोग प्रदान किया। महिलाओं ने कहा कि समाज के विकास में ऐसे लोगों का योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा।
वहीं दूसरी ओर जांजगीर-चांपा की लोकप्रिय सांसद कमलेश जांगड़े एवं उनके पति श्री आनंद जांगड़े ने भी महिलाओं की आवश्यकताओं को समझते हुए कबीर धाम परिसर में ट्यूबवेल खनन कर पानी की स्थायी सुविधा उपलब्ध कराई। महिलाओं ने इसे “गंगा मैया के आगमन” जैसा पुण्य कार्य बताते हुए कहा कि पानी की समस्या दूर होने से अब वहां आने वाली महिलाओं और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

समिति की अध्यक्षा श्रीमती रामशिला मानिकपुरी सहित समस्त पदाधिकारियों ने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की महिलाओं को जब सम्मान और सहयोग मिलता है, तब वे असंभव को भी संभव कर दिखाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने “नारी शक्ति जिंदाबाद” और “महतारी सेवा समिति जिंदाबाद” के नारों के साथ सामाजिक एकता, महिला सशक्तिकरण और सामूहिक विकास का संदेश दिया। समिति की महिलाओं का कहना है कि वे आने वाले समय में स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में और भी बड़े कार्य करेंगी।
यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बनी है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब समाज, प्रशासन और जनप्रतिनिधि एक साथ खड़े होते हैं, तब बदलाव की नई कहानी लिखी जाती है।








