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छत्तीसगढ़ में हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को मिली रफ्तार, 44 करोड़ से ज्यादा की नई योजनाओं को मंजूरी

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छत्तीसगढ़ में आवास और अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने कई अहम फैसले लिए हैं। नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंडल मुख्यालय में आयोजित 86वें मंडल सम्मेलन में नई आवासीय योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और विकास कार्यों से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नई हाउसिंग परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। इन योजनाओं के जरिए मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

रायपुर, जशपुर और मुंगेली में बनेंगे नए आवास

रायपुर जिले के तिल्दा स्थित कोहका में दीनदयाल आवास कॉलोनी के तहत व्यावसायिक सह आवासीय भवनों के निर्माण को मंजूरी मिली है। इस परियोजना में 76 आवासीय और कॉमर्शियल यूनिट्स विकसित किए जाएंगे, जिसकी लागत करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है।

वहीं जशपुर जिले के गिनाबहार में स्ववित्तीय अटल विहार योजना के अंतर्गत 97 नए मकानों के निर्माण और भूमि विकास कार्य को स्वीकृति दी गई है। इसमें एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आवास शामिल होंगे। इस योजना पर लगभग 17.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इसके अलावा मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र स्थित सारधा में 200 ईडब्ल्यूएस आवासों और बाह्य विकास कार्यों के लिए करीब 17 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। तीनों परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 44.82 करोड़ रुपये होगी।

प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी होगा बदलाव

सम्मेलन में निर्माण कार्यों से जुड़ी जीएसटी भुगतान व्यवस्था और रॉयल्टी क्लियरेंस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए समान मानक प्रक्रिया लागू करने का फैसला लिया गया। साथ ही दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रावधानों को भी लागू रखने का निर्णय लिया गया।

मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के समान संशोधित महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई।

पीपीपी मॉडल पर संचालित होगा क्वींस क्लब ऑफ इंडिया

बैठक में क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के संचालन और रखरखाव के लिए पीपीपी मॉडल के तहत निजी एजेंसी नियुक्त करने संबंधी दस्तावेजों को भी स्वीकृति दी गई। इससे क्लब के संचालन को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की तैयारी है।

चार महीनों में 317 करोड़ की संपत्तियों की बिक्री

सम्मेलन में यह जानकारी भी साझा की गई कि वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में मंडल ने 1647 संपत्तियों का विक्रय किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 317 करोड़ रुपये रही। इसे मंडल की योजनाओं के प्रति लोगों के बढ़ते भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।

बैठक में मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण सहित आवास, वित्त और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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