-वार्ड -22 के पार्षद की भी है मिलीभगत की चर्चा
-अर्जुन झा-
दली राजहरा। नगर पालिका दल्ली राजहरा के राजस्व विभाग का एक कर्मचारी और एक वार्ड के पार्षद अब जमीन दलाली का काम करने लगे हैं। इन दोनों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि, वे कोर्ट के फैसले की भी परवाह नहीं कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नगर पालिका के सीएमओ भी न्यायायिक व्यवस्था का पालन नहीं करवा पा रहे हैं।
जमीन की हेराफेरी का यह मामला दल्ली राजहरा नगर पालिका के वार्ड 22 का है। वार्ड की जमीन को दूसरे के नाम पर कर अवैध कमाई की जा रही है। इस कुत्सित कार्य में वार्ड के पार्षद, नगर पालिका के राजस्व विभाग का एक तथाकथित बुद्धिमान कर्मचारी शामिल है। पालिका बनने के साथ ही यहां पदस्थ यह बुद्धिमान कर्मचारी अपनी बुद्धिमता से बड़े बड़े कार्यों को अंजाम दे चुका है।

सरकार किसी भी दल की रहे, यह कथित बुद्धिमान कर्मचारी अपने बोल बचन के दम पर जमीन की अफरातफरी करने में माहिर है। वर्तमान में इसके द्वारा उस जमीन दूसरे के पास बेच दी है, जिस पर एसडीएम, तहसीलदार के न्यायालय ने स्टे लगा रखा है। यह बुद्धिमान कर्मचारी नगर पालिका सीएमओ को गुमराह कर जमीन दूसरे को आबंटित कर दी है। आश्चर्य की बात है कि मामले में कोर्ट से स्टे मिलने के बाद भी नगर पालिका का तथाकथित बुद्धिमान कर्मचारी वार्ड पार्षद की मदद से उक्त जमीन को हड़पाने की जुगाड़ लगा चुका है। न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर दूसरे की जमीन पर वह निर्माण कार्य करवा रहा है।
दरअसल अपीलार्थी पुष्पा प्रसाद पति मनोज प्रसाद, निवासी वार्ड नम्बर 22 दल्ली राजहरा द्वारा न्यायालय अतिरिक्त तहसीलदार दल्ली राजहरा में वाद दायर कर अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा कब्जा किए जाने और अवैध निर्माण कराने की शिकायत करते हुए इस पर रोक लगाने की फरियाद की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए तहसील कोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किया था।
न्यायालय ने सीएमओ को स्पष्ट निर्देश दिया था कि स्टे ऑर्डर का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें एवं की गई कार्यवाही से इस न्यायालय को अवगत कराएं। इसके बावजूद नगर पालिका के राजस्व विभाग के उक्त चतुर कर्मचारी ने खुद तो कोर्ट के आदेश की अवहेलना की और ऊपर से सीएमओ को भी अंधेरे में रखा।








