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छत्तीसगढ़ में शराब प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब सिर्फ सरकारी रेट पर मिलेगी शराब, ज्यादा वसूलने वाले सेल्समैनों पर होगी सख्त कार्रवाई

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संवाददाता – रघुराज
छत्तीसगढ़ सरकार के आबकारी विभाग ने शराब प्रेमियों और आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा फैसला लिया है। अक्सर प्रदेश के विभिन्न शराब काउंटरों और सरकारी शराब दुकानों से यह शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं कि वहां मौजूद सेल्समैन निर्धारित सरकारी मूल्य से अधिक पैसों की वसूली करते हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सीधे-साधे लोग जब भी शराब खरीदने दुकान जाते हैं, तो सेल्समैन ब्रांड के हिसाब से मनमाने दाम वसूलते हैं और प्रति बोतल 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की अवैध वसूली या ओवररेटिंग आसानी से कर लेते हैं।
उपभोक्ताओं को सही कीमत का पता नहीं होने के कारण वे चुपचाप इस आर्थिक लूट का शिकार हो जाते थे। इस गंभीर समस्या और सेल्समैनों की मनमानी पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए आबकारी मंत्री ने सख्त रुख अख्तियार किया है और नए कड़े नियम लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। आबकारी मंत्री के इस कड़े फैसले और नए दिशा-निर्देशों को सुनने के बाद से अवैध रूप से पैसे कमाने वाले सेल्समैनों और शराब दुकान संचालकों के पसीने छूट रहे हैं।
नए कड़े नियमों के तहत अब किसी भी सरकारी शराब दुकान या भट्टी पर ओवररेटिंग यानी तय कीमत से एक भी रुपया या अठन्नी भी ज्यादा वसूलना सेल्समैनों को भारी पड़ेगा। आबकारी मंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि यदि किसी भी शराब दुकान से ग्राहकों से ज्यादा पैसे लेने की प्रामाणिक शिकायत मिलती है, तो उस सेल्समैन पर तो कार्रवाई होगी ही, साथ ही सीधे तौर पर उस पूरी दुकान का लाइसेंस ही निरस्त यानी कैंसिल कर दिया जाएगा। सरकार के इस सख्त कदम का मुख्य उद्देश्य शराब दुकानों में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना है ताकि कोई भी आम नागरिक ठगा न महसूस करे।
पारदर्शिता के लिए शराब दुकानों में किए जा रहे हैं ये बड़े बदलाव
उपभोक्ताओं को जागरूक करने और सेल्समैनों की चालाकी को पकड़ने के लिए अब सरकार शराब दुकानों के बुनियादी ढांचे और डिस्प्ले सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रही है। नए नियमों के अनुसार अब प्रदेश की सभी सरकारी शराब दुकानों में जिस रैक या अलमारी पर शराब की बोतलें सजाकर रखी जाती हैं, ठीक उसी रैक के नीचे हर एक ब्रांड की आधिकारिक सरकारी कीमत साफ-साफ अक्षरों में प्रदर्शित की जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जब भी कोई ग्राहक शराब काउंटर के सामने खड़ा होगा, तो वह सीधे रैक के नीचे नजर डालकर यह देख सकेगा कि वह जो ब्रांड खरीद रहा है, उसकी वास्तविक और आधिकारिक सरकारी कीमत क्या है। इससे सेल्समैन चाहकर भी ग्राहकों को गुमराह नहीं कर पाएंगे और न ही कीमत को लेकर झूठ बोल सकेंगे।
इसके साथ ही डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हुए एक और बड़ा और आधुनिक कदम उठाया जा रहा है। अब प्रत्येक शराब दुकान के बाहर एक बड़ा और स्पष्ट क्यूआर कोड लगाया जाएगा। शराब खरीदने आने वाले उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन से इस क्यूआर कोड को सीधे स्कैन कर सकेंगे। जैसे ही कोई ग्राहक इस क्यूआर कोड को स्कैन करेगा, वैसे ही छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग द्वारा तय की गई सभी ब्रांड की आधिकारिक और नवीनतम सरकारी रेट लिस्ट पूरी तरह से उसके मोबाइल स्क्रीन पर खुलकर सामने आ जाएगी। इस डिजिटल व्यवस्था से ग्राहकों को अपनी पसंदीदा शराब की सही कीमत जानने के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे पूरी पारदर्शिता के साथ खरीदारी कर सकेंगे।
शिकायत के लिए जारी हुआ टोल फ्री नंबर, शिकायतकर्ता का नाम रहेगा पूरी तरह गुप्त
अगर इन सभी पुख्ता इंतजामों के बाद भी कोई सेल्समैन या दुकानदार अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है और सरकारी कीमत से 50 पैसे या एक रुपया भी ज्यादा मांगता है, तो उपभोक्ताओं को घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। आबकारी विभाग ने इसके लिए एक विशेष और समर्पित टोल फ्री शिकायत नंबर 14405 जारी किया है। कोई भी पीड़ित ग्राहक सीधे इस नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इस व्यवस्था की सबसे खास और महत्वपूर्ण बात यह है कि शिकायत करने वाले व्यक्ति का नाम और उसकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी ताकि उसे किसी भी प्रकार की परेशानी या सुरक्षा का डर न रहे। शिकायत मिलने पर विभाग की टीम तुरंत संबंधित शराब दुकान और सेल्समैन के खिलाफ त्वरित और कठोर दंडात्मक कार्रवाई करेगी।
जून महीने से जमीनी स्तर पर दिखने लगेगा इस नए नियम का पूरा असर
आबकारी विभाग द्वारा तैयार किए गए ये सभी कड़े नियम और निर्देश पूरी तरह से स्वीकृत हो चुके हैं और इन्हें लागू करने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन सभी कड़े नियमों, क्यूआर कोड डिस्प्ले और रैक पर प्राइस लिस्ट लिखने की व्यवस्था का व्यापक और पूर्ण असर आगामी जून महीने की शुरुआत से जमीनी स्तर पर पूरी तरह से देखने को मिलने लगेगा। तब तक सभी शराब दुकानों को इन नियमों का पालन करने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कह दिया गया है।
इस नए नियम के आने के बाद अब शराब प्रेमी और आम उपभोक्ता पूरी तरह से बेफिक्र होकर और छाती ठोककर अपनी पसंदीदा ब्रांड की मांग कर सकते हैं। उन्हें सेल्समैन के आगे सिर झुकाने या उनकी मनमानी सहने की कतई आवश्यकता नहीं है। सरकार के इस फैसले से जहां एक तरफ ओवररेटिंग के काले कारोबार पर पूरी तरह से ताला लग जाएगा, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को उनका हक मिलेगा और आबकारी व्यवस्था में एक बड़ी पारदर्शिता स्थापित होगी। छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच सरकार के इस जनहितैषी फैसले की जमकर सराहना की जा रही है।

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