संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
दो-तीन दिनों से अंधेरे में डूबा गांव, पेयजल संकट से बढ़ी परेशानी, प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
जिला सक्ती ।
ग्राम हरेठी में पिछले दो-तीन दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लगातार बिजली बंद रहने से जहां घरों में अंधेरा छाया हुआ है, वहीं पेयजल व्यवस्था भी चरमरा गई है। बिजली के अभाव में मोटर पंप नहीं चल पा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कई बार शिकायतों के बावजूद विद्युत विभाग द्वारा समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। इससे नाराज ग्राम पंचायत के सरपंच, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम के कारण कुछ समय तक आवागमन बाधित रहा और क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बुजुर्गों और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा दैनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं।
सूचना मिलने पर सक्ती नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों से तत्काल चर्चा कर बिजली व्यवस्था शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए तथा ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा समय पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण लोगों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। यदि प्रारंभिक स्तर पर समस्या का समाधान कर दिया जाता तो चक्का जाम जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्राम हरेठी के नागरिकों ने जिला प्रशासन, विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए, खराबी के वास्तविक कारणों की जांच की जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
जनहित का प्रश्न
बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि आज के समय में जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है। बिजली बंद होने से पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार सहित सभी गतिविधियां प्रभावित होती हैं। ऐसे में हरेठी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शासन-प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
ग्रामीणों की एक ही मांग है — “पहले बिजली, फिर बाकी बात”। अब देखना यह है कि विद्युत विभाग और प्रशासन इस गंभीर समस्या का समाधान कितनी शीघ्रता से करते हैं।








