कुसमी बलरामपुर संवाददाता युसूफ खान
बलरामपुर-रामानुजगंज। रजा यूनिटी फाउंडेशन, छत्तीसगढ़ तथा समाज के विभिन्न वर्गों के जागरूक नागरिकों की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने, छत्तीसगढ़ में गाय को राजकीय पशु का दर्जा देने तथा गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी नीति बनाए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है।
ज्ञापन राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम संबोधित किया गया है, जिसे अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कुसमी के माध्यम से प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गौवंश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गाय को भारतीय समाज में श्रद्धा, सेवा, करुणा और सह-अस्तित्व का प्रतीक माना जाता है तथा करोड़ों लोगों की इससे धार्मिक एवं सामाजिक आस्था जुड़ी हुई है।
ज्ञापन में आवारा गौवंश की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया है कि बड़ी संख्या में पशु सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर घूमते रहते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है तथा मानव और पशु दोनों की जान-माल को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही गौवंश के अवैध परिवहन, तस्करी और अवैध वध की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि गौसंरक्षण के नाम पर किसी भी निर्दोष व्यक्ति के विरुद्ध बिना पर्याप्त साक्ष्य और निष्पक्ष जांच के कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। कानून के दायरे में रहते हुए केवल वास्तविक दोषियों के विरुद्ध ही कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
ज्ञापनकर्ताओं ने गौवंश संरक्षण, संवर्धन, सुरक्षा तथा आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य और केंद्र सरकार से ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है।








