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स्वास्थ्य विभाग की आँखों में धूल झोंक कर चला रहे अवैध पैथोलॉजी लैब

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रिपोर्ट-खिलेश साहू
कुरूद:- कुरूद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कचना में स्वास्थ्य विभाग की आँखों में धूल झोंकते हुए एक अवैध पैथोलॉजी लैब खुलेआम संचालित हो रही है। इस लैब का नाम एडवांस पैथोलॉजी लैब है, जो बिना जिला चिकित्सा कार्यालय से पंजीयन कराए मरीजों की जांच कर रही है। इस मामले ने स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लैब संचालक का खुलासा…स्थानीय लोगों द्वारा पूछताछ करने पर लैब संचालक टिकेश्वर साहू (ग्राम भेंड़री, बड़े करेली निवासी) ने कई महत्वपूर्ण बातें स्वीकार कीं। उन्होंने बताया कि यह लैब वर्ष 2024 से लगातार संचालित हो रही है।
जब उनसे लैब टेक्नीशियन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने विकास कुमार साहू (बूड़ेनी निवासी) का नाम बताया। लेकिन आगे पूछने पर टिकेश्वर साहू ने खुलासा किया — “विकास नहीं आते, मैं खुद ही लैब चलाता हूं।” अवैध तरीके से संचालन…हैरान करने वाली बात यह है कि टिकेश्वर साहू खुद आसपास के पूरे क्षेत्र के गांवों में जाकर ब्लड सैंपल कलेक्शन करते हैं। वे मरीजों के घर-घर पहुंचकर जांच के लिए सैंपल लेते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आसपास के जितने भी डॉक्टर हैं, उन्हें रिपोर्ट आने पर 50 प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। इस तरह का कमीशन सिस्टम पूरे क्षेत्र में फैला हुआ प्रतीत होता है। जब उनसे पूछा गया कि किस डिग्री, योग्यता और सरकारी पंजीयन के आधार पर लैब संचालित कर रहे हैं, तो टिकेश्वर साहू ने बताया कि उनके पास केवल ग्राम पंचायत से वर्ष 2024 में लिया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) है। जिला स्वास्थ्य कार्यालय या किसी उच्च अधिकारी से कोई पंजीयन या अनुमति नहीं ली गई है।
ग्रामीणों में आक्रोश…इस खुलासे के बाद ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि बिना किसी योग्यता और सरकारी मान्यता के चल रही इस लैब से मरीजों की जान को खतरा है। गलत रिपोर्ट के कारण गलत इलाज हो सकता है, जिससे गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। यह मामला इसलिए भी ज्यादा गंभीर है क्योंकि कुछ ही दिन पहले ग्राम साकरा में एक झोला-छाप डॉक्टर के गलत इलाज के कारण एक मरीज की मौत हो गई थी। उस घटना ने पूरे क्षेत्र में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे। अब कचना का यह अवैध पैथोलॉजी लैब मामला उस घटना को दोहराने वाला साबित हो सकता है। प्रशासन पर सवाल…ग्रामीण अब सवाल कर रहे हैं:
क्या स्वास्थ्य विभाग अब भी इस अवैध पैथोलॉजी लैब पर कोई कार्रवाई करेगा? या अवैध लैब के साथ साठ-गांठ जारी रहेगी?
क्या जिला चिकित्सा अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी इस मामले में संज्ञान लेंगे? लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे अवैध चिकित्सा केंद्र और भी फलते-फूलते रहेंगे, जिससे आम गरीब मरीजों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ेगा।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत मांग की है कि:-
एडवांस पैथोलॉजी लैब को तुरंत सील किया जाए।
टिकेश्वर साहू पर कानूनी कार्रवाई की जाए। पूरे क्षेत्र में अवैध पैथोलॉजी लैब्स और झोला-छाप डॉक्टरों की जांच की जाए। स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है कि वह आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा करे। ऐसे अवैध संचालनों पर सख्त लगाम कसी जाए, ताकि भविष्य में कोई अनहोनी घटना न हो।

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