सुकमा संवाददाता – पोडियामी दीपक
सुकमा/ दूरस्थ और पहुंचविहीन ग्रामीण इलाके सहित सम्पूर्ण सुकमा जिले में कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में बाल विवाह जैसी रूढ़िवादी परंपरा के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत गुरुवार को जिला प्रशासन के द्वारा दो नाबालिग बालिकाओं का बाल विवाह रुकवाकर उनकी जिंदगी को नई दिशा देने का काम किया गया है। स्थानीय परंपराओं और सामाजिक दबावों के बीच तय हो चुके दो बाल विवाहों को समय रहते रोककर अधिकारियों ने न केवल कानून का पालन सुनिश्चित किया, बल्कि बेटियों के शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के अधिकार को भी संरक्षण प्रदान किया।

पहला मामला धुरगुड़ा-पोगाभेज्जी गांव का है, जहां 19 वर्षीय युवक स्थानीय परंपरा के तहत 17 वर्षीय बालिका को विवाह के उद्देश्य से अपने घर ले आया था। सूचना मिलने पर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन, सेक्टर सुपरवाइजर और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गांव पहुंची। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाइश दी। टीम के प्रयासों का सकारात्मक असर हुआ और बालिका पक्ष ने विवाह स्थगित करने पर सहमति जताई, जिसे स्वयं बालिका ने भी स्वीकार किया।
इसी तरह सिरसेट्टी के पांडुरूपारा में भी एक बाल विवाह 15 जून को संपन्न होने वाला था। स्थानीय परंपरा के अनुसार विवाह की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं और सामुदायिक भोज की व्यवस्था भी की जा रही थी। लेकिन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री शिवदास नेताम और जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री जितेंद्र सिंह बघेल के मार्गदर्शन में पहुंची संयुक्त टीम ने परिजनों को समझाया कि कम उम्र में विवाह बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। समझाइश के बाद परिवार ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए विवाह को स्थगित करने का निर्णय लिया।

दोनों मामलों में घोषणा-पत्र और पंचनामा तैयार कर संबंधित पक्षों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की जानकारी दी गई। इन घटनाओं ने यह साबित किया कि संवेदनशील संवाद, जनजागरूकता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के जरिए सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह रही कि दो बेटियों के सपनों को समय से पहले बंधनों में बंधने से बचाकर उन्हें अपने भविष्य को संवारने का एक और अवसर मिल सका।
समस्त कार्यवाही के दौरान सुश्री मनीषा शर्मा संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख), सुश्री रश्मि चन्द्रवंशी सेक्टर सुपरवाइजर, श्री जोगेंद्र दिर्दो सामाजिक कार्यकर्ता, श्री मनोज एक्का, सुश्री मल्लिका सोड़ी चाइल्ड लाइन सुपरवाइजर, श्री मुडा पोडियामी केश वर्कर, सुश्री अंजलि वेट्टी आउटरिच वर्कर, सुश्री भीमे दुर्रो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पुलिस विभाग से श्री सुमित तिर्की, श्री सामनाथ नाग थाना केरलापाल उपस्थित रहे।








