कोरबा-धमतरी समेत कई शहरों में एक साथ दबिश, नेताओं और कारोबारियों के ठिकाने जांच के घेरे में
छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास (DMF) और भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़े पैमाने पर छापेमारी की। राज्य के कई जिलों में एक साथ की गई इस कार्रवाई के दौरान कांग्रेस से जुड़े नेताओं, ठेकेदारों और कारोबारियों के ठिकानों की तलाशी ली गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी को विभिन्न स्थानों से लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि मिलने की सूचना है, जिसमें सबसे अधिक रकम कोरबा और धमतरी क्षेत्र से बरामद होने की बात सामने आई है।
सुबह से जारी रही तलाशी कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक ED की अलग-अलग टीमों ने रायपुर, दुर्ग, धमतरी, कोरबा, अंबिकापुर सहित कई जिलों में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कागजात खंगाले गए। कई स्थानों पर अधिकारियों ने घंटों तक पूछताछ भी की।

DMF और भारतमाला परियोजना के खर्चों की जांच
बताया जा रहा है कि जांच का केंद्र जिला खनिज न्यास (DMF) फंड के उपयोग और भारतमाला सड़क परियोजना से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि विकास कार्यों के लिए आवंटित राशि का उपयोग नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं। इसी सिलसिले में संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
कारोबारी और ठेकेदार भी जांच के दायरे में
जानकारी के अनुसार, कुछ ठेकेदारों और कारोबारियों के परिसरों पर भी ED की टीम पहुंची। अधिकारियों ने संपत्ति, निवेश, बैंक खातों और कथित लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। कई स्थानों से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा जब्त किए जाने की खबर है, जिनका विश्लेषण किया जाएगा।

नकदी बरामदगी के बाद बढ़ी हलचल
छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि बरामद रकम और जब्ती का आधिकारिक विवरण ED की ओर से सार्वजनिक नहीं किया गया है। एजेंसी द्वारा दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल ED ने विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की है। जांच एजेंसी की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में बरामद दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। मामले पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का भी इंतजार है।








