रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में गुरुवार देर रात उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने सरकारी आवास पर मंत्रिपरिषद की एक अहम बैठक बुलाई। बताया जा रहा है कि कई मंत्रियों को अचानक सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर रायपुर का रुख किया। बैठक करीब पांच घंटे तक चली, जिससे राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
सूत्रों के अनुसार बैठक में सरकार के कामकाज की समीक्षा, विभिन्न विभागों की प्रगति तथा आगामी रणनीतियों पर चर्चा की गई। हालांकि बैठक का एजेंडा आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन लगातार हो रही उच्चस्तरीय बैठकों ने सत्ता और संगठन दोनों में संभावित बदलावों की अटकलों को हवा दे दी है।
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री Arun Sao ने स्पष्ट किया कि यह नियमित समीक्षा बैठक थी और इसमें विभागीय कार्यों का मूल्यांकन किया गया। उन्होंने कैबिनेट विस्तार या बड़े फेरबदल जैसी चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि सरकार विकास कार्यों की गति बढ़ाने और योजनाओं की मॉनिटरिंग पर ध्यान दे रही है।
कांग्रेस ने साधा निशाना
दूसरी ओर, विपक्षी दल Indian National Congress ने इस बैठक को लेकर सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार को बने ढाई वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन जनता से जुड़े कई मुद्दों पर अपेक्षित परिणाम नहीं दिख रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि सब कुछ सामान्य है तो आधी रात को इस तरह की आपात बैठक बुलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
राजनीतिक अटकलें तेज
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार हो रही उच्चस्तरीय बैठकों के पीछे प्रशासनिक समीक्षा के साथ-साथ आगामी राजनीतिक चुनौतियों की तैयारी भी हो सकती है। हालांकि सरकार की ओर से किसी बड़े निर्णय की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन देर रात तक चली इस बैठक ने प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।
फिलहाल सरकार इसे नियमित समीक्षा बैठक बता रही है, जबकि विपक्ष इसे सरकार की कार्यशैली और प्रदर्शन से जोड़कर सवाल उठा रहा है।








