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वर्षों से अधूरी सड़क पर सचिव की नजर: निरीक्षण के दौरान ठेकेदारों ने गिनाईं समस्याएं, अधिकारियों ने दिखाई सक्रियता

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बलरामपुर संवाददाता युसूफ खान
कुसमी। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल ने गुरुवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की विभिन्न निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और जमीनी स्थिति की समीक्षा की। उनके साथ जिला कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, वनमंडलाधिकारी आलोक कुमार वाजपेयी, प्रमुख अभियंता व्हीके भतपहरी, मुख्य अभियंता बी.एस. बघेल, एसी महादेव लहरे, कार्यपालन अभियंता विजय भारती, एसडीओ ज्योतिष तिग्गा सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
सचिव का काफिला सामरी-चांदो मार्ग के कंठी घाट पहुंचा, जहां वर्षों से निर्माणाधीन सड़क, गार्डवाल एवं अन्य संरचनात्मक कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों ने सीधे सचिव के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। विशेष रूप से वन भूमि के कारण सड़क चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को लेकर ठेकेदारों ने ध्यान आकर्षित कराया। सचिव ने संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समाधान निकालने के निर्देश दिए।
भुगतान और धीमी प्रगति पर सचिव ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान निर्माण एजेंसी मारुति कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधियों ने लंबित भुगतानों का मुद्दा उठाया। इस पर सचिव मुकेश बंसल ने स्पष्ट कहा कि पहले कार्यों में अपेक्षित प्रगति दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आगामी तीन माह के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि एक माह के भीतर कार्यों में संतोषजनक प्रगति होने पर भुगतान संबंधी मामलों पर विचार किया जाएगा।
सचिव के दौरे से पहले अचानक बढ़ी सक्रियता
सचिव के प्रस्तावित दौरे की जानकारी विभागीय अमले और निर्माण एजेंसियों को पहले से मिल चुकी थी। इसका असर निरीक्षण स्थलों पर साफ दिखाई दिया। जिन गार्डवालों पर पहले नियमित तराई के कोई विशेष इंतजाम दिखाई नहीं देते थे, वहां सुतली के बोरे लगाए गए थे। सड़क किनारे खतरनाक मोड़ों और गहरी खाइयों के पास अस्थायी रूप से रेडियम रिबन और सुरक्षा घेराबंदी भी नजर आई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह वरिष्ठ अधिकारियों के नियमित निरीक्षण होते रहें तो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार संभव है।
वर्षों से चल रही है कंठी घाट-चांदो सड़क परियोजना
कंठी घाट से चांदो तक बन रही सड़क क्षेत्र की सबसे चर्चित और लंबे समय से लंबित परियोजनाओं में शामिल है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण का कार्य कई वर्षों से जारी है, लेकिन आज तक पूर्ण नहीं हो सका है। इस दौरान प्रदेश में सरकारें बदलीं, योजनाएं बदलीं, लेकिन सड़क निर्माण की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बनी रही।
गौरतलब है कि पूर्व में तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत भी इस मार्ग का निरीक्षण कर चुके हैं। उस दौरान निर्माण कार्यों की स्थिति पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की थी और विभागीय स्तर पर कार्रवाई भी हुई थी। इसके बावजूद परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी।
चरहट मार्ग पर भी रुका सचिव का काफिला
सामरी से चरहट तक निर्माणाधीन डामर सड़क का भी सचिव ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन पुलिया के कार्यों की गुणवत्ता की जांच करते हुए संबंधित ठेकेदार को निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
क्या अब बदलेगी तस्वीर…?
सचिव मुकेश बंसल के दौरे के बाद क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि लंबे समय से सुस्त गति से चल रही सड़क परियोजनाओं को अब गति मिल सकती है। नवपदस्थ जिला कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी भी कार्यभार ग्रहण करने के बाद से लगातार निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहीं हैं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर बढ़ी सक्रियता से लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से अधूरी पड़ी सड़कें जल्द पूरी होंगी और क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी।
हालांकि बड़ा सवाल अब भी यही है कि क्या यह सक्रियता केवल निरीक्षण तक सीमित रहेगी या फिर धरातल पर निर्माण कार्यों की वास्तविक गति और गुणवत्ता में स्थायी सुधार देखने को मिलेगा।

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