कांकेर। वनरक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान दिसंबर 2024 में ग्राम कोचवाही (नरहरपुर) निवासी आदिवासी युवा महेंद्र कुमार कोरेटी की हुई असामयिक मृत्यु के मामले में घोषित आर्थिक सहायता राशि अब तक नहीं मिलने पर नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और युवा बेरोजगार संघ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जानकारी के अनुसार, घटना के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की थी। इसके बाद वन विभाग कांकेर द्वारा जनवरी 2025 में ही पत्र क्रमांक 63 के तहत आवश्यक कागजी प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई थी। बावजूद इसके, जून 2026 तक सहायता राशि पीड़ित परिवार को नहीं मिल सकी है।

इस मामले को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में पीड़ित परिवार एवं ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टरेट कांकेर पहुंचकर प्रशासन को प्रथम स्मरण पत्र सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद अधिकारियों की लापरवाही के कारण गरीब परिवार आज तक आर्थिक सहायता से वंचित है।

पार्टी नेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट रूप से 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर मृतक युवक की माता के खाते में सम्मान राशि जमा नहीं हुई तो युवा बेरोजगार संघ और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी संयुक्त रूप से कलेक्टरेट का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के निखिलेश देवान साहू एवं राग फाउंडेशन (छत्तीसगढ़) के ललित साहू ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।








