जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जांजगीर चांपा पुलिस और जनता के बीच विश्वास, संवाद एवं सहभागिता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत घोघरानाला एवं बिर्रा क्षेत्र में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीणों, महिलाओं एवं स्कूली बच्चों के बीच कानूनी जागरूकता बढ़ाने तथा समाज को अपराधों के प्रति सतर्क करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा CSP योगिताबाली खापर्डे एवं DSP सतरूपा तारम के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने सरल भाषा में नई न्याय व्यवस्था के प्रावधानों को समझाते हुए नागरिकों को उनके अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम के दौरान ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर जैसी नई सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि अब कई मामलों में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है तथा किसी भी थाना क्षेत्र की घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट किसी भी थाने में दर्ज कराई जा सकती है। इससे विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को न्याय प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।

साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। ग्रामीणों को फर्जी लिंक, बैंकिंग फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए गए। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी देकर किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत करने की अपील की गई।
कार्यक्रम में नशे के दुष्परिणामों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं एवं युवाओं को नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसान के बारे में जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित और अपराधमुक्त समाज का निर्माण केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को सामुदायिक प्राथमिकता बनाने की अपील की।
सामुदायिक पुलिसिंग के इस अभियान को क्षेत्र के लोगों ने सराहनीय पहल बताते हुए पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास व्यक्त किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जागरूक नागरिक और संवेदनशील पुलिसिंग मिलकर ही एक सुरक्षित, सशक्त और विकसित समाज का निर्माण कर सकते हैं।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते रहें, तो अपराधों में कमी आएगी, कानूनी जागरूकता बढ़ेगी और पुलिस तथा जनता के बीच सहयोग और विश्वास का रिश्ता और मजबूत होगा।
यह समाचार स्थानीय दैनिक समाचार पत्र के लिए उपयुक्त शैली में तैयार किया गया है।








