Home मेरी रचना जो हर हाल में मुस्कुराकर जी ले – राजकुमार सोनी, रायपुर

जो हर हाल में मुस्कुराकर जी ले – राजकुमार सोनी, रायपुर

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ज़िंदगी उम्मीदों से भरी है,
पर हर चाह पूरी नहीं होती।
ज़िंदगी की ख़्वाहिशें बेहिसाब हैं,
पर हर ख़्वाहिश मुकम्मल नहीं होती।
ज़िंदगी में इच्छाएँ अनंत हैं,
पर मुश्किलें भी कम नहीं हैं।
ज़िंदगी सपनों से सजी है,
पर हर सपना साकार नहीं होता।
ज़िंदगी अवसरों से भरी है,
पर हर अवसर बार-बार नहीं मिलता।
ज़िंदगी सिखाती बहुत कुछ है,
पर वक़्त पर समझ नहीं आती।
ज़िंदगी समझाती बहुत कुछ है,
पर इंसान को समझ देर से आती है।
ज़िंदगी ठोकरें भी देती है,
पर हर ठोकर बेकार नहीं जाती।
ज़िंदगी कभी हँसाती है, कभी रुलाती है,
और हर मोड़ पर कुछ नया सिखाती है।
ज़िंदगी को जीना आसान नहीं
पर इसके बिना कोई रास्ता नहीं।
ज़िंदगी एक अनमोल उपहार है,
जिसका दुनिया में कोई मोल नहीं है।
जब समझ आने लगती है,
तब कई बातें पीछे छूट जाती हैं।
जब वक़्त का मूल्य समझ आता है,
तब कई अवसर हाथ से निकल जाते हैं।
ज़िंदगी को समझना आसान नहीं,
पर यही सबसे बड़ा ज्ञान है।
जो हर हाल में मुस्कुराकर जी ले,
वही सचमुच महान है।
✍️: राजकुमार सोनी, रायपुर (छत्तीसगढ़)

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