सोमन साहू/ आरंग/
साहित्यिक संस्था ‘साहित्य सोम संगम’ (सीतापुर, उत्तर प्रदेश) द्वारा हाल ही में एक राष्ट्रीय स्तर के आभासी (डिजिटल) कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस देशव्यापी पटल पर देश के विभिन्न राज्यों के ख्यातिप्राप्त और दिग्गज रचनाकारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए कोसल साहित्य कला मंच’ के कवियों ने अपनी उत्कृष्ट साहित्यिक प्रतिभा का लोहा मनवाया और दर्शकों की भरपूर सराहना बटोरी।
इस राष्ट्रीय आभासी सम्मेलन का सफल आयोजन ‘साहित्य सोम संगम’ के संस्थापक व वरिष्ठ कवि सोमेश तिवारी ‘सोम’ (उत्तर प्रदेश), पटल राज्य सचिव भागीरथ सिन्हा (दिल्ली) और पटल कार्यक्रम अध्यक्ष मनोज उरई कल्याण मुंबई के कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ

डिजिटल मंच पर छत्तीसगढ़ की साहित्यिक गरिमा को रेखांकित करते हुए कोसल मंच के कवियों ने अहम भूमिका निभाई:
कवि सम्मेलन के इस भव्य पटल का अत्यंत प्रभावी और ऊर्जावान संचालन कोसल मंच आरंग के सचिव कवि अरविंद वैष्णव तथा रायबरेली के कवि बृजलाल वर्मा ने संयुक्त रूप से किया। दोनों के संचालन ने कार्यक्रम में समां बांध दिया।
काव्य पाठ में कवि गण रेवेन्द्र पाल सिंह रसिक मथुरा,हरमन बघेल(हरि) कोसल मंच प्रवक्ता आरंग,रमेशचंद्र नंदवंशी सुल्तानपुर,वीरेंद्र पाठक हाथरस, डॉ संजीदा खान शाहीन जोधपुर राजस्थान,रामजी लाल वर्मा कल्याण मुंबई,शांति राणा शांति खटीमा उत्तराखंड,पूनम दीक्षित ज्वालानगर रामपुर,कविता नामदेव नजीबाबाद,शैलेन्द्र अम्बर वाराणसी,अतुल शर्मा सम्भल,जलेश्वरी वस्त्रकार जयराम नगर बिलासपुर आदि की सहभागिता रही ।संस्थापक कवि सोमेश तिवारी सोम ने कवियों द्वारा प्रस्तुत हास्य,व्यंग,नारी सशक्तिकरण,पर्यावरण जागरूकता आदि की समीक्षा करते हुवे कहा कि कवि केवल अपने अनुभव से शब्दों के मोती नहीं पिरोता अपितु सामाजिक जागृति,देश को जगाने,व्यवस्था पर सवाल उठाने एवं अभिव्यक्ति के साथ सृजनात्मकता का सुंदर संदेश भी देता है।








