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छत्तीसगढ़ रायपुर में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से धोखाधड़ी करने वाले दो शातिर ठग चढ़े पुलिस के हत्थे

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रघुराज/रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां जिला पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपी सीधे-साधे और बेरोजगार युवाओं को अपनी बातों के जाल में फंसाते थे और सरकारी व अच्छी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके उनसे मोटी रकम वसूल लेते थे।

धोखाधड़ी के इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कई पीड़ितों ने हिम्मत दिखाकर रायपुर पुलिस के पास अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम तुरंत एक्शन मोड में आई और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मुखबिरों की सूचना और तकनीकी विश्लेषण (साइबर सेल) की मदद से जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस की इस तत्परता से शहर में चल रहे एक बड़े फर्जी प्लेसमेंट और जॉब रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है।

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से बेरोजगार युवाओं को अपना निशाना बनाते थे। वे युवाओं को आकर्षक वेतन, भत्ते और सुरक्षित भविष्य का लालच देते थे। जब युवा उनकी बातों में आ जाते, तो वे रजिस्ट्रेशन फीस, मेडिकल टेस्ट, सिक्योरिटी डिपॉजिट और वेरिफिकेशन के नाम पर धीरे-धीरे करके हजारों और लाखों रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे। पैसे लेने के बाद आरोपी अक्सर पीड़ितों को फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा देते थे या फिर अपने मोबाइल नंबर बंद करके गायब हो जाते थे। जब पीड़ित दिए गए पते पर नौकरी के लिए पहुंचते, तब उन्हें पता चलता था कि उनके साथ बहुत बड़ी ठगी हो चुकी है।

इस कार्रवाई के बाद रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने आम जनता और विशेष रूप से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी और एडवाइजरी जारी की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आज के समय में बेरोजगारी का फायदा उठाकर कई फर्जी गिरोह सक्रिय हैं जो सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप या फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से नौकरियों के आकर्षक विज्ञापन देते हैं। युवाओं को ऐसे किसी भी अज्ञात स्रोत या व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए जो नौकरी दिलाने के बदले में पैसों की मांग करता है। कोई भी प्रतिष्ठित सरकारी या निजी संस्थान नौकरी देने से पहले इस तरह अग्रिम धनराशि या गुप्त रूप से रुपयों का लेनदेन नहीं करता है।

रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी कंपनी या प्लेसमेंट एजेंसी के झांसे में आने से पहले उसकी प्रामाणिकता की अच्छी तरह से जांच कर लें। कंपनी का आधिकारिक पता, उनका पुराना रिकॉर्ड और सरकारी पंजीकरण नंबर अवश्य चेक करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को बड़ा अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति बताकर नौकरी लगवाने का दावा करता है और पैसों की मांग करता है, तो तुरंत इसकी सूचना अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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