भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भूचाल आ गया। कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच दोपहर बाद बिकवाली का ऐसा तूफान आया कि दलाल स्ट्रीट लाल निशान में डूब गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक तीखे बयान ने जलते हुए वैश्विक बाजार में घी का काम किया, जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई। इस भारी गिरावट के कारण नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 24,000 के स्तर को तोड़कर नीचे आ गया, जबकि सेंसेक्स में भी 1,600 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई। महज कुछ ही देर में निवेशकों के करीब ₹4 लाख करोड़ स्वाहा हो गए।
कारोबार के दूसरे हिस्से में बिकवाली तब तेज हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने का अंतरिम समझौता अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। आपको बता दें कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कर्मशियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान पर हवाई हमले किए और ईरानी कच्चे तेल की बिक्री पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया। इस नए भू-राजनीतिक तनाव से मिडिल ईस्ट में स्थिरता और वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे बाजार सहम गया।
दोपहर 2:15 बजे तक सेंसेक्स 1,607 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट के साथ 76,550 पर आ गया, जबकि निफ्टी 500 अंक टूटकर 24,000 के स्तर से नीचे चला गया। इस गिरावट के कारण बीएसई लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) घटकर ₹471.49 लाख करोड़ पर आ गया। शेयर बाजार का कुल एडवांस-डिक्लाइन रेशियो बेहद निराशाजनक रहा। कुल 4,324 शेयरों में ट्रेडिंग हुई, जिसमें से केवल 1,135 शेयर बढ़त हासिल कर सके, जबकि 2,990 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं और 199 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा, 127 शेयरों में अपर सर्किट और 194 शेयरों में लोअर सर्किट दर्ज किया गया।
सेंसेक्स हीटमैप
बाजार की इस तबाही में हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारती एयरटेल के शेयर करीब 2-2% तक टूट गए। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस भी 1% से ज्यादा लुढ़के।
वोलेटिलिटी इंडेक्स 24% उछला
शेयर बाजार में मची इस हाहाकार के बीच बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स इंडिया विक्स 24.53% की छलांग लगाकर 14.50 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों के बढ़ते डर को दर्शाता है। सेक्टर के हिसाब से निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1% से ज्यादा टूटे, जबकि निफ्टी रियल्टी मामूली बढ़त में रहा।








