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बिना निकासी योजना के बना दी आरसीसी नाली, अब वार्डवासियों के लिए बनी मुसीबत

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-कुसमी नगर पंचायत की एक और नाली विवादों में, पानी भरने से बढ़ा हादसों का खतरा; दो दिन पहले बाइक सवार गिरे, शुक्रवार को इनोवा भी फंसी

युसूफ खान/कुसमी। नगर पंचायत कुसमी में विकास कार्यों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हाल ही में वार्ड क्रमांक 11 में निर्माणाधीन नाली को लेकर सामने आए विवाद और तकनीकी लापरवाही का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब वार्ड क्रमांक 7 में निर्मित आरसीसी नाली भी विवादों में घिर गई है। आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से नाली का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन उससे निकलने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था आज तक सुनिश्चित नहीं की जा सकी। परिणामस्वरूप बरसात के बीच पूरी नाली पानी से लबालब भर गई है और अब यह राहगीरों के लिए दुर्घटना का कारण बन रही है।

जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 7 में शिव मंदिर से सफीक के घर तक 185 मीटर लंबी आरसीसी नाली का निर्माण 6 लाख 55 हजार रुपये की स्वीकृत लागत से कराया गया है। यह कार्य वर्ष 2023-24 की स्वीकृत योजना के अंतर्गत है। निर्माण कार्य का ठेका ओम कंस्ट्रक्शन, बलरामपुर को दिया गया था। विभागीय अभिलेखों के अनुसार ठेकेदार को 5 दिसंबर 2023 को कार्यादेश जारी किया गया था तथा कार्य पूर्ण करने के लिए तीन माह की समय-सीमा निर्धारित की गई थी।

जानकारी के अनुसार नाली निर्माण शुरू होने से पहले ही जल निकासी के मार्ग को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। इसी कारण लंबे समय तक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। बाद में वार्ड पार्षद के प्रयासों से लगभग एक माह पूर्व नाली का निर्माण कराया गया, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न—नाली के पानी की निकासी किस दिशा में होगी आज भी अनसुलझा है। बताया जा रहा है कि नई नाली को पहले से बनी नालियों से जोड़ने को लेकर सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी जल निकासी व्यवस्था अधूरी रह गई।

नाली बनी पानी का तालाब, राहगीरों के लिए बना खतरा..

लगातार हो रही बारिश के कारण नई बनी नाली पूरी तरह पानी से भर गई है। सड़क और नाली के बीच का अंतर स्पष्ट नहीं दिखाई देने से आए दिन राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो बैरिकेड लगाए गए हैं और न ही चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं, जिससे विशेषकर रात के समय दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है।

बताया जाता है कि दो दिन पहले एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोग इसी पानी से भरी नाली में गिर पड़े। दुर्घटना में उन्हें मामूली चोटें आईं, लेकिन दो लोगों के मोबाइल फोन नाली में गिर गए, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना किसी बड़े हादसे का संकेत है।

इसी क्रम में शुक्रवार को एक इनोवा कार भी निर्माणाधीन नाली में फंस गई। वाहन चालक सड़क और पानी से भरी नाली के बीच अंतर नहीं समझ पाया और वाहन सीधे नाली में उतर गया। बाद में आसपास मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत कर वाहन को बाहर निकाला। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहले निर्माण, बाद में निकासी पर विचार—योजना पर उठे सवाल..?

वार्डवासियों का कहना है कि किसी भी नाली निर्माण से पहले यह तय किया जाना चाहिए कि उसमें बहने वाले पानी की अंतिम निकासी कहां होगी। लेकिन इस मामले में पहले लाखों रुपये खर्च कर नाली बना दी गई और अब पानी की निकासी को लेकर विचार किया जा रहा है। नगरवासियों का कहना है कि यदि निर्माण से पहले तकनीकी सर्वे और समुचित योजना बनाई जाती, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

बरसात से पहले तैयारियों के दावों की खुली पोल..

नगर पंचायत हर वर्ष बरसात से पहले जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और नालियों की सफाई के दावे करती है, लेकिन वार्ड क्रमांक 7 की स्थिति इन दावों की वास्तविकता उजागर कर रही है। नई नाली बनने के बाद भी पानी की निकासी नहीं हो रही है, जिससे बरसात के मौसम में लोगों को राहत मिलने के बजाय नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रही इंजीनियरिंग व्यवस्था..

नगर पंचायत कुसमी में कुल 15 वार्ड हैं, लेकिन यहां लंबे समय से नियमित सब इंजीनियर की पदस्थापना नहीं है। वर्तमान में राजपुर नगर पंचायत में पदस्थ सब इंजीनियर अभिषेक एक्का को कुसमी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आरोप है कि नियमित तकनीकी निगरानी नहीं होने के कारण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और योजना दोनों प्रभावित हो रही हैं। नगर में यह भी चर्चा है कि कई निर्माण कार्य बिना पर्याप्त तकनीकी परीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग के कराए जा रहे हैं।

विकास के दावे, लेकिन जमीनी तस्वीर अलग..

नगर पंचायत कुसमी में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस तथा उपाध्यक्ष पद पर भाजपा का प्रतिनिधित्व है। विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में दोनों पक्ष विकास कार्यों को प्राथमिकता देने और मिलकर कार्य करने की बात करते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही निर्माण संबंधी खामियां यह संकेत देती हैं कि विकास कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी परीक्षण और जवाबदेही पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

लोगों ने की तत्काल समाधान की मांग..

स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि विवादित नाली की जल निकासी का स्थायी समाधान तत्काल किया जाए, निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाए। साथ हि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो यह नाली भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और नगर पंचायत प्रशासन की होगी।

जिम्मेदारों की सुने…

मुख्य नगर पालिका नगर पंचायत कुसमी अरविंद विश्वकर्मा ने उक्त विषय पर कहा दो दिशाओं में पहले से निर्मित नाली में नए नाली को जोड़ा जाना हैं जिससे पानी की निकासी हो सकें और इसपर सहमति नहीं बन पाई हैं जिसमें विवाद उत्पन्न है. वार्ड वर्षीयो व पार्षद के आपसी निर्णय और उनके सहयोग से हि निकाय किसी तरह के निष्कर्ष तक पहुंचेगा. तथा उक्त नाली का भुगतान विवाद का निष्कर्ष नहीं निकल जाने के कारण ही रोका गया हैं।

वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र भगत ने कहा मामला मेरे संज्ञान में है विवाद की स्थिति के कारण नाली की निकासी रुकी हुई है मैं इस मामले में सीएमओ साहब को अवगत कराता हूं।

वहीं वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद शकील अंसारी ने कहा कार्य के प्रारंभ में ही नाली खुदाई के समय कुछ लोगो द्वारा विवाद करना शुरू कर दिया गया था. जिसके बाद लंबे समय तक नाली का निर्माण प्रभावित रहा. नाली का निर्माण बाद में प्रारम्भ हुवा तो चौड़ी सड़क अब सकरा हो चुकी हैं. फिलहाल हम लोगों के द्वारा पानी निकासी के लिए निर्णय ले लिया गया है और इस बात के लिए नगर पंचायत के सब इंजिनियर व अन्य को अवगत भी करा दिया गया था. किंतु नगर पंचायत के लापरवाही के कारण समाधान नहीं हो पा रहा है।

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