प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं. करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा है. पीएम मोदी ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की. इस बैठक में 8 बड़े फैसले और 10 MoU पर साइन किए गए. मोदी शुक्रवार को अपने तीन देशों के दौरे के आखिरी चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना बढ़ाकर करीब ₹35 हजार करोड़ करने का लक्ष्य रखा. दोनों देशों ने ‘इंडिया-न्यूजीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: रोडमैप 2030’ को भी मंजूरी दी है. जो अगले चार वर्षों में दोनों देशों के साझा सहयोग का आधार बनेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच ऑकलैंड में शुक्रवार देर रात हुई बातचीत में ये फैसले लिए गए. इस यात्रा का मुख्य फोकस क्षेत्र में चीन के बढ़ते आक्रामक रुख के बीच इंडो-पैसिफिक में सहयोग बढ़ाना रहा है.
इससे पहले अंतिम बार राजीव गांधी ने 1986 में भारतीय प्रधानमंत्री के तौर पर न्यूजीलैंड की यात्रा की थी. इस ऐतिहासिक दौरे में कई अहम घोषणाएं की गई. पीएम मोदी का ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने गर्मजोशी से स्वागत किया.
प्रधानमंत्री लक्सन ने कहा कि दोनों देशों ने हाल ही में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किया था. जिसके बाद काफी प्रगति हुई है. न्यूजीलैंड की ओर से भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता भी जताई गई. पीएम मोदी ने दोनों देशों में युवाओं के बीच बिजनेस कल्चर को बढ़ावा देने के लिए भी सुझाव दिए.
न्यूजीलैंड ने कहा कि वह भारत के ‘विकसित भारत 2047’ लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग करेगा. दोनों नेताओं ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य मौजूदा सहयोग को और मजबूत करना, नए क्षेत्रों में साथ काम करना और द्विपक्षीय के साथ-साथ बहुपक्षीय मंचों पर भी सहयोग बढ़ाना है.








