कोरबा। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोरबा पुलिस ने मानिकपुर पुलिस सहायता केंद्र क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया है।
पहले मामले में चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को मानिकपुर निवासी ओम प्रकाश लहरे ने नितेश चौहान और आरिफ खान के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे ओम प्रकाश से रिपोर्ट दर्ज कराने की बात को लेकर नितेश चौहान, आरिफ खान, अरुण चौहान और फैजान खान उर्फ फिज्जू ने विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी पुलिस से भी बहस और धक्का-मुक्की करने लगे। क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में नितेश चौहान (21 वर्ष), आरिफ खान (21 वर्ष), अरुण चौहान (20 वर्ष) एवं फैजान खान उर्फ फिज्जू (19 वर्ष) शामिल हैं।
दूसरे मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
दूसरे मामले में न्यू रेलवे कॉलोनी निवासी रमुला यादव और शामीन बाई ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके घर के सामने शैलेश खड़िया, दुर्गेश साहू और श्रवण कुमार पटेल देर रात हल्ला-गुल्ला कर रहे थे। विरोध करने पर तीनों ने महिलाओं से विवाद किया और धमकी दी, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
शिकायत मिलते ही मानिकपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक परमेश्वर राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में शैलेश खड़िया (24 वर्ष), दुर्गेश साहू (25 वर्ष) एवं श्रवण कुमार पटेल (20 वर्ष) शामिल हैं।
न्यायालय में किया गया पेश
पुलिस ने सभी सात आरोपियों के विरुद्ध शांति भंग की आशंका को देखते हुए BNS/BNSS की धारा 170, 126 एवं 135(3) के तहत इस्तगासा तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
कोरबा पुलिस का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बिगाड़ने, अशांति फैलाने और आमजन की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।







