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गुरुग्राम डबल डेथ केस: एनआईटी रायपुर से पासआउट श्रेष्ठ के पिता बोले- बेटा हत्यारा नहीं, कंपनी ने कलीग्स से बात तक नहीं करने दी, लव अफेयर और लिव-इन की बातें झूठी

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रायपुर संवाददाता – रघुराज
रायपुर। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) रायपुर से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले साल ही नौकरी के सिलसिले में गुरुग्राम गए युवा इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस घटना के करीब दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी जांच जारी है, लेकिन मामले को लेकर आ रही अलग-अलग थ्योरी पर श्रेष्ठ के परिवार ने कड़ा ऐतराज जताया है। श्रेष्ठ के पिता दीपक मलिक ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट कहा है कि उनका बेटा किसी भी कीमत पर हत्यारा नहीं हो सकता। उन्होंने पुलिस और मीडिया में चल रही लव अफेयर तथा लिव-इन रिलेशनशिप की तमाम चर्चाओं को पूरी तरह से गलत और निराधार करार दिया है।
पिता दीपक मलिक का कहना है कि इस पूरे मामले में अभी कई अहम सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं, इसके बावजूद एकतरफा कहानी बनाकर जनता के सामने पेश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा बेहद सुलझा हुआ और होनहार था, इसलिए पूरी निष्पक्ष जांच होने से पहले किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना या उनके बेटे को दोषी ठहराना बिल्कुल सही नहीं है।
कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप
दीपक मलिक ने घटना के बाद गुरुग्राम पहुंचने पर कंपनी के रवैये को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वे अपने बेटे की मौत की दुखद खबर सुनकर गुरुग्राम पहुंचे, तो कंपनी प्रबंधन ने उनके साथ बिल्कुल भी सहयोगात्मक रवैया नहीं दिखाया। उन्हें कंपनी परिसर के अंदर तक नहीं जाने दिया गया।
पिता का आरोप है कि वे अपने बेटे श्रेष्ठ के साथ काम करने वाले किसी भी सहकर्मी, रूममेट या टीम के अन्य सदस्यों से बात करना चाहते थे ताकि घटना के पहले की स्थिति समझ आ सके, लेकिन कंपनी ने उन्हें किसी भी कलीग से मिलने या बात करने की अनुमति नहीं दी। इस रवैये से परिवार का संदेह और गहरा गया है कि आखिर कंपनी किस बात को छुपाने की कोशिश कर रही है।
लव अफेयर और लिव-इन की खबरों को नकारा
घटना के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि श्रेष्ठ और उसकी महिला सहकर्मी के बीच कोई प्रेम संबंध था और वे लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। इन तमाम दावों को खारिज करते हुए श्रेष्ठ के पिता ने साफ कहा कि ये सारी बातें मनगढ़ंत हैं।
उन्होंने बताया कि श्रेष्ठ पढ़ाई में अव्वल रहने के बाद एनआईटी रायपुर से पासआउट हुआ था और पिछले साल ही उसने अपनी पेशेवर जिंदगी की शुरुआत की थी। उसका पूरा ध्यान अपने करियर पर था। परिवार का कहना है कि बिना किसी ठोस सबूत के दोनों के रिश्तों को लेकर बनाई जा रही कहानियां केवल मृत व्यक्ति की छवि को खराब करने का प्रयास हैं।
दो हफ्ते बाद भी जांच जारी, पुलिस खंगाल रही डिजिटल सबूत
इधर, करीब दो सप्ताह पहले हुई इस चर्चित डबल डेथ की गुत्थी सुलझाने में गुरुग्राम पुलिस जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है।
घटनास्थल से जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण के बाद ही इस बात का खुलासा हो सकेगा कि उस दिन असल में क्या हुआ था।
परिवार की अपील: जांच पूरी होने तक अफवाहों पर न हो यकीन
श्रेष्ठ मलिक के परिजनों ने प्रशासन और आम जनता से अपील की है कि जब तक पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक किसी एक मनगढ़ंत कहानी पर भरोसा न किया जाए।
परिवार का कहना है कि वे न्याय की आस में भटक रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई जल्द ही सबके सामने आएगी। फिलहाल, एनआईटी रायपुर से निकले इस होनहार युवा इंजीनियर की दुखद मौत से उसके दोस्तों, सहपाठियों और परिवार में मातम और आक्रोश का माहौल है।

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