Home चर्चा में लखनपुर सीएचसी में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की दवाओं पर बड़ा सवाल:...

लखनपुर सीएचसी में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की दवाओं पर बड़ा सवाल: खुले में मिली एक्सपायरी विटामिन-ए, आयरन सिरप के भंडारण पर घिरा अस्पताल प्रबंधन

7
0
 सरगुजा संवाददाता उमेश कुमार प्रजापति
मर्चुरी के पास खुले में रखी मिली दवाएं, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; बीएमओ बोले– स्टोर की कमी, जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
 सरगुजा जिले के लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और बच्चों को वितरित की जाने वाली दवाओं के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल परिसर में मर्चुरी (शव गृह) के बरामदे के पास खुले स्थान पर बड़ी मात्रा में आयरन सिरप, विटामिन-ए सहित अन्य दवाओं की पेटियां रखी मिलीं। इनमें से विटामिन-ए की दवा लगभग छह माह से एक्सपायर बताई जा रही है, जबकि आयरन सिरप की निर्माण तिथि वर्ष 2022 अंकित होने के कारण इसकी गुणवत्ता और उपयोग अवधि को लेकर भी संशय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और बच्चों को समय पर आयरन, विटामिन-ए सहित अन्य आवश्यक दवाओं का वितरण नहीं हो सका। इसी बीच बड़ी मात्रा में दवाएं खुले में पड़ी रहीं।
 
जब मीडिया की टीम अस्पताल पहुंची तो दवा वितरण प्रभारी ने खुले में रखी गई दवाओं को हटाकर स्टोर रूम में रखवा दिया
अस्पताल परिसर में खुले स्थान पर रखी दवाओं के पास मरीजों के साथ आए छोटे बच्चों को सिरप की बोतलें उठाकर खेलते हुए भी देखा गया। इससे किसी अप्रिय घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि दवाओं को इस तरह खुले में रखना स्वास्थ्य विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और भंडारण प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
मौके पर रखी आयरन सिरप की बोतलों पर वर्ष 2022 की मैन्युफैक्चरिंग डेट अंकित है। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या चार वर्ष पहले निर्मित सिरप का अब भी वितरण किया जा रहा है अथवा नहीं। वहीं विटामिन-ए की दवा छह माह से एक्सपायर होने की बात सामने आने के बाद पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
दवा वितरण प्रभारी ने दी सफाई
मामले में दवा वितरण प्रभारी से चर्चा किए जाने पर उन्होंने कहा कि संबंधित आयरन सिरप एक्सपायर नहीं हुआ है तथा उसकी वैधता वर्ष 2027 तक है। उनके अनुसार सिरप वितरण के उद्देश्य से वहां रखा गया था। उन्होंने यह भी बताया कि सहायक खंड चिकित्सा अधिकारी बी. नागवंशी को दवा वितरण के लिए दवाएं उपलब्ध कराई गई थीं। उनका कहना था कि छत टपकने के कारण खुले में रखी दवाओं के बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी संबंधी विवरण धुंधले या मिट गए होंगे। हालांकि विटामिन-ए की एक्सपायरी दवा के संबंध में स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
बीएमओ बोले – स्टोर की कमी के कारण बाहर रखी गईं दवाईयां
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर के बीएमओ डॉ. ओ. पी. प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में दवाओं के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। इसी कारण वितरण के लिए आयरन सिरप की पेटियां बरामदे के पास रखी गई थीं। वर्ष 2022 में निर्मित आयरन सिरप की एक्सपायरी अवधि के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह तत्काल इसकी जानकारी नहीं दे सकते। कंपनी के दिशा-निर्देश देखने के बाद ही इसकी वैधता के बारे में स्पष्ट बताया जा सकेगा।
उठ रहे हैं कई अहम सवाल
पूरे मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि दवाएं पूरी तरह वैध थीं तो उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं रखा गया? यदि विटामिन-ए की दवा वास्तव में एक्सपायर हो चुकी थी तो उसे समय पर नष्ट करने की प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई। वहीं यदि दवाएं वितरण के लिए थीं तो उनकी गुणवत्ता और उपयोग अवधि को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई।
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या जांच करता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here