‘गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष। गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मिटै न दोष॥’…. इस दोहे का अर्थ है कि गुरु के बिना न तो ज्ञान मिल सकता है, न मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है, न ही सत्य का बोध होता है और न ही हमारे सारे दोष या बुराइयां मिट सकती हैं। आषाढ़ पूर्णिमा का दिन गुरुओं को समर्पित है, इसलिए इसे गुरु पूर्णिमा भी कहते हैं। यह दिन गुरु-शिष्य परंपरा, आध्यात्मिक मार्गदर्शकों, आचार्यों और शिक्षकों को सम्मान देने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का सबसे बड़ा पर्व है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर लोग अपने गुरु का विधिपूर्वक पूजन करते हैं। ज्योतिषों के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु दोष को दूर करने के लिए भी बहुत उत्तम माना जाता है। इसके अलावा गुरु पूर्णिमा के दिन इन उपायों को करने से करियर और कारोबार में भी अपार तरक्की मिलती है।
गुरु पूर्णिमा के दिन करें ये खास उपाय
सुख-समृद्धि के लिए- गुरु पूर्णिमा के दिन घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को साफ करें। फिर हल्दी और पानी डालकर लेप करें। वहां घी का दीया जलाएं। इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति आएगी। इसके साथ ही आपको कारोबार में भी वृद्धि होगी।
करियर में तरक्की के लिए- गुरु पूर्णिमा के दिन गरीब और जरूरतमंद को पीली चीजों का दान करें। जैसे- पीली दाल, पीतल, पीले रंग की मिठाई, पीले वस्त्र और केसर का दान करें। इन चीजों का दान करने से आपको करियर में अपार तरक्की मिलेगी।
गुरु दोष से मुक्ति पाने के लिए- अगर आपकी कुंडली में गुरु दोष है तो गुरु पूर्णिमा का दिन आपके लिए बहुत ही अच्छा अवसर है। इस दिन अपने मंदिर या पूजा घर में गुरु यंत्र की स्थापना करें और फिर विधि-विधान के साथ पूजा करें। इस उपाय को करने से गुरु दोष दूर होता है साथ ही गुरु ग्रह भी मजबूत होता है।
स्नान-दान- गुरु पूर्णिमा के दिन गंगा या अन्य पवित्र नदी में स्नान करें और फिर बाद में अन्न, वस्त्र, धन या पीली चीजों का दान करें। ऐसा करने से आपके धन-धान्य में बरकत होगी।
मंत्र का जाप- गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरु का आशीर्वाद लें। अगर गुरु नहीं है तो भगवान शिव या विष्णु जी को ही अपना गुरु मानकर पूजन करें। साथ ही गुरु मंत्रों का 108 बार जाप करें







