पुकार बाफना/बीजापुर, 03 अगस्त 2026 / महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत ग्राम निम्मलगुड़ा में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की गई है। गांव में 500 जल अवशोषण ट्रेंच का निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण और रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।
इस परियोजना के लिए ₹4,95,073 की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से ₹4,70,061 की राशि व्यय कर कार्य पूर्ण किया गया। निर्माण कार्य के दौरान 1,801 मानव-दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिली।
जल अवशोषण ट्रेंच बनने से वर्षा जल का अधिकतम संचयन संभव हुआ और पानी का भूमि में बेहतर अवशोषण होने लगा। इसके परिणामस्वरूप भू-जल स्तर में सुधार, मिट्टी के कटाव में कमी तथा खेतों में लंबे समय तक नमी बनाए रखने में सफलता मिली। इससे किसानों को कृषि कार्यों में सुविधा मिलने के साथ फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और सिंचाई पर निर्भरता कम करने में भी सहायता मिल रही है।
मनरेगा के तहत किया गया यह कार्य केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ है। ग्राम निम्मलगुड़ा का यह प्रयास आज जल संरक्षण, सतत विकास और ग्रामीण समृद्धि का प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है, जो मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी की सफलता को दर्शाता है।







