भारतीय रिजर्व बैंक को मोदी सरकार से 10-20 रुपये के प्लास्टिक के नोट के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 2028 की शुरुआत तक पॉलिमर करेंसी नोटों (Polymer Currency Notes) को प्रचलन में लाने का लक्ष्य रखा है. आरबीआई की ओर से 10-20 Plastic Notes को लेकर ये बड़ा अपडेट वित्त मंत्रालय द्वारा बीते दिनों संसद में इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद आया है.
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है, अभी पॉलिमर के कागज के लिए निविदा आमंत्रित की गई है, इसके बाद उस पर परीक्षण किए जाएंगे.
भारत में जल्द लोगों के हाथों में 10-20 रुपये के प्लास्टिक के नोट होंगे. आरबीआई का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 की शुरुआत में पॉलिमर करेंसी नोटों या प्लास्टिक के नोटों को सर्कुलेशन में लाने का है और इसके लिए लगातार तैयारियां जारी हैं. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि इन नोटों को बाजार में लाने से पहले हम इसका परीक्षण आकलन करेंगे.
RBI ने नए प्लास्टिक के नोट लाने के पीछे एक बड़ा कारण बताया है. RBI ने कहा कि हर साल खराब हो चुके अरबों गंदे नोटों को बदलकर नए छापने पड़ते हैं, जिससे कि करोड़ों रुपये खर्च हो जाते है. पिछले एक दशक में छपाई पर 52,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके है.
मौद्रिक नीति समिति के मीटिंग के बाद मीडिया ब्रीफ़िंग के दौरान, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि पॉलीमर नोटों के लिए एक पायलट प्रोग्राम चल रहा है और बाज़ार में लाने से पहले नोटों की टेस्टिंग और जांच की जाएगी.
₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों के ट्रायल को मंज़ूरी देने के बाद, सरकार ने साफ़ किया कि इस कदम से अभी चलन में मौजूद कागज़ी नोटों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. कागज़ी नोट बंद नहीं किए जाएंगे, बल्कि, वे पॉलीमर नोटों के साथ-साथ बाज़ार में बने रहेंगे.







