एक बार फिर दुनिया की बड़ी टेक कंपनी ओरेकल में छंटनी हुई है। अमेरिकी आईटी कंपनी ओरेकल ने भारत में 3 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। भारत में ओरेकल हेल्थ, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और सेल्स जैसे विभागों के करीब 3000 लोगों की छंटनी हुई है। कंपनी ने छंटनी के इस नए दौर के बीच कर्मचारियों को मिलने वाले सेवरेंस पैकेज यानी हर्जाने की शर्तें भी जारी कर दी है।
कंपनी के कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में कहा है कि संगठन में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं, जिसके चलते ऑपरेशन्स को सरल बनाने का फैसला लिया गया हैय़ इसके परिणामस्वरूप कई पदों को समाप्त किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ा है।
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने निकाले गए कर्मचारियों के सेवरेंस पैकेज पर अधिकतम 26 हफ्तों यानी करीब 6 महीने के बेसिक वेतन की लिमिट लगा दी है। फॉर्मूले के तहत पहले साल के लिए 4 हफ्ते और उसके बाद हर साल की सर्विस पर एक हफ्ते का मूल वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा निकाले गए कर्मचारियों के अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शंस यानी शेयर रद्द कर दिए जाएंगे और वह भविष्य के कॉर्पोरेट बोनस के हकदार भी नहीं होंगे।
भारत में Oracle की ताजा छंटनी कई अलग-अलग विभागों तक पहुंची है। Oracle Health, OCI Security, Oracle Financial Services, सेल्स और डेटा सेंटर ऑपरेशंस जैसे बड़े कारोबार प्रभावित हुए हैं। इसमें फ्रेशर्स से लेकर मिड-लेवल मैनेजमेंट तक के कर्मचारी शामिल हैं। यह भारत में Oracle की इस साल की दूसरी बड़ी छंटनी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक छंटनी के बाद कर्मचारियों के स्टॉक और बोनस से जुड़े कुछ फायदे खत्म हो जाएंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि नौकरी खत्म होने के साथ सभी अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शन रद्द कर दिए जाएंगे। साथ ही कर्मचारी के शेयर खरीद योजना भी नौकरी खत्म होने के साथ समाप्त हो जाएगी। हालांकि, पहले से वेस्ट हो चुके स्टॉक ऑप्शन को इस्तेमाल करने के लिए आमतौर पर 3 महीने का समय मिलेगा।
छंटनी के बाद कर्मचारियों के स्टॉक और बोनस से जुड़े कुछ फायदे खत्म हो जाएंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि नौकरी खत्म होने के साथ सभी अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शन रद्द कर दिए जाएंगे। साथ ही कर्मचारी के शेयर खरीद योजना भी नौकरी खत्म होने के साथ समाप्त हो जाएगी। हालांकि, पहले से वेस्ट हो चुके स्टॉक ऑप्शन को इस्तेमाल करने के लिए आमतौर पर 3 महीने का समय मिलेगा।