शब्बीर कुरैशी/दल्लीराजहरा
भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर प्रशासक की लापरवाही से राजहरा नगरवासियों की जान हर रोज खतरे में है। बीएसपी की मुख्य सड़क पर बना बड़ा गड्ढा और उखड़ी सड़क दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। सबसे शर्मनाक बात ये है कि इसी तरह की लापरवाही के कारण पहले बीएसपी की सीवरेज टंकी के गड्ढे में 3 लोगों की मौत हो चुकी है, इसके बाद भी प्रशासन नहीं चेता।
1. मुख्य सड़क बनी “मौत का गड्ढा”
आप तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि सड़क के बीचों-बीच 3-4 फीट चौड़ा और गहरा गड्ढा है। पानी भरने के कारण इसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल है। रोजाना सैकड़ों बाइक, कार और स्कूल बस इसी रास्ते से गुजरते हैं। जरा सी चूक और वाहन पलट सकता है।
2. पहले भी हो चुकी 3 मौतें
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले बीएसपी के सीवरेज टंकी के खुले गड्ढे में गिरकर 3 लोगों की जान जा चुकी है। उस हादसे के बाद भी बीएसपी प्रबंधन ने सबक नहीं लिया। आज फिर वही लापरवाही मुख्य सड़क पर दोहराई जा रही है।
3. शिकायतों के बाद भी मौन प्रशासन
नगरवासियों ने कई बार बीएसपी नगर प्रशासक और पीडब्ल्यूडी विभाग को इस गड्ढे के बारे में सूचना दी। लेकिन महीनों बीत गए, न गड्ढा भरा गया न बैरिकेड लगाया गया। बारिश में कीचड़ और पानी से गड्ढा और खतरनाक हो गया है।
4. स्कूल और अस्पताल के रास्ते पर खतरा
ये सड़क स्कूल, बाजार और अस्पताल को जोड़ती है। सुबह-शाम बच्चों और बुजुर्गों का आना-जाना लगा रहता है। एक स्थानीय ने कहा:
“प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है क्या? 3 जानें कम थीं क्या?”
5. वार्ड पार्षद मेवा पटेल ने तत्काल कार्रवाई की मांग की नहीं तो 24 घंटे के अंदर सड़क में बैठेंगे
1. 24 घंटे के अंदर गड्ढे को भरकर सड़क की मरम्मत की जाए
2. तब तक गड्ढे के चारों ओर बैरिकेड और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं
3. लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो







