रतनपुर संवाददाता – विमल सोनी
रतनपुर। रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कर्रा बस्ती में गुरुवार देर रात शॉर्ट सर्किट के कारण दो घरों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दोनों घरों में रखा कीमती सामान, कपड़े, बिस्तर, फर्नीचर सहित गृहस्थी का अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। हादसे में किसी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कर्रा बस्ती में चन्द्रेश यादव, पिता स्व. झाडूराम यादव और दीपक यादव, पिता मनीराम यादव के मकान एक-दूसरे से सटे हुए हैं। गुरुवार रात करीब 11 बजे अचानक एक घर से धुआं उठता दिखाई दिया। आसपास के लोगों ने जब मौके पर जाकर देखा तो घर में आग लगी हुई थी। कुछ ही देर में आग ने तेज रूप ले लिया और पास स्थित दूसरे घर को भी अपनी चपेट में ले लिया।
करंट फैलने की आशंका से ग्रामीणों ने नहीं किया प्रवेश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही थी। घर में विद्युत करंट फैलने की आशंका के चलते ग्रामीणों ने तत्काल अंदर जाने का जोखिम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग को सूचना देकर पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई। बिजली कटने के बाद ग्रामीणों ने घर के अंदर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
हालांकि, जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक दोनों घरों में रखा काफी सामान जल चुका था। आग की चपेट में आने से कपड़े, बिस्तर, फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान सहित गृहस्थी का सामान पूरी तरह या काफी हद तक नष्ट हो गया। आगजनी की घटना से पीड़ित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान होने की बात सामने आई है।
समय पर नहीं पहुंची अग्निशमन गाड़ी
घटना की सूचना अग्निशमन विभाग को भी दी गई थी, लेकिन पीड़ित परिवार के अनुसार अग्निशमन वाहन समय पर मौके पर नहीं पहुंच सका। इसके बाद ग्रामीणों ने आपसी प्रयास से आग बुझाने का काम किया।
गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और आगजनी में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
थाने में दी सूचना, प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग
आगजनी की घटना के बाद पीड़ित परिवार रतनपुर थाने पहुंचा और घटना की सूचना दर्ज कराई। परिवार ने प्रशासन से आगजनी में हुए नुकसान का आकलन कराकर उचित आर्थिक सहायता एवं मुआवजा दिलाने की मांग की है।
प्रथमदृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, आग से हुए वास्तविक नुकसान और घटना के कारणों का विस्तृत आकलन संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों और गृहस्थी को दोबारा व्यवस्थित करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।







