Home मुख्य ख़बरें Meta पर मोदी सरकार का शिकंजा! CSAM कंटेंट पर बड़ा एक्शन, ‘सेफ...

Meta पर मोदी सरकार का शिकंजा! CSAM कंटेंट पर बड़ा एक्शन, ‘सेफ हार्बर’ को लेकर बढ़ी सख्ती

6
0

पीएम मोदी का फैसबुक से वीडियो हटाए जाने के बाद मोदी सरकार (Modi  government) यानी भारत सरकार ने मेटा और मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) को आड़े हाथों लिया था। केंद्र सरकार ने मेटा (Meta) को सेफ हार्बर बंद करने तक की चेतावनी दे दी थी। मार्क जुकरबर्ग के माफी के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ था। मोदी सरकार के कड़े रूख के बाद Meta ने गैरकानूनी CSAM (Child Sexual Abuse Material) कंटेंट पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। Meta ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी गैरकानूनी सामग्री यानी CSAM पर कार्रवाई की है।

अधिकारियों का कहना है कि ऐसी गैरकानूनी सामग्री के मामले में सोशल मीडिया कंपनियों को ‘सेफ हार्बर’ की सुरक्षा नहीं मिल सकती। हालांकि किसी कंपनी ने कानून का उल्लंघन किया है या नहीं और उसे सेफ हार्बर मिलेगा या नहीं इसका अंतिम फैसला अदालत करेगी। सरकार ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बार-बार सामने आने वाले गैरकानूनी कंटेंट पर कार्रवाई कर रहे हैं।

दरअसल मोदी सरकार बाल यौन शोषण सामग्री के मामले पर काफी ज्यादा सख्त है। इसको लेकर कुछ कार्रवाई देखने को मिली है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन होने पर ‘सेफ हार्बर’ नहीं मिलेगा। वहीं मेटा का कहना है कि उसके ‘एल्गोरिदम’ और प्रणालियां कैसे काम करती हैं, इन सभी मामलों में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर चर्चा चल रही है। मामले की जांच की जा रही है, क्योंकि यह अन्य मैसेज ऐप से भी जुड़ा है।

सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान को लेकर चिंता केवल भारत में ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अन्य देशों में भी है। ऐसे नुकसान से निपटने की जिम्मेदारी सोशल प्लेटफॉर्म की ही है। एआई लेबलिंग को लेकर कानून स्पष्ट है कि एआई से तैयार सामग्री पर ‘लेबल’ लगाना अनिवार्य है और इसका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ध्यान भी रखना होगा।

बता दें कि नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने कई मांगों को लेकर दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। युवाओं के गुस्से को देखते हुए को लेकर पेपर लीक कानून बनाने को लेकर पीएम मोदी ने वीडियो संदेश जारी किया था। प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए ये वीडियो संदेश सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्मस पर जारी किया था। वहीं वीडियो संदेश को फेसबुक से कुछ घंटे के लिए हटा दिया गया था। इसके बाद बवाल मच गया था। साथ ही पीएम मोदी के डिपपेक वीडियो वायरल हुए थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने कंपनी के अधिकारियों को तलब भी किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here