₹20 लाख की निविदा को लेकर कांग्रेस ने की प्रेस वार्ता, आयोजन के सरकारीकरण और कथित फिजूलखर्ची पर साधा निशाना
बिलासपुर। संवाददाता रेशमा लहरे। नगर निगम बिलासपुर द्वारा साइंस कॉलेज मैदान में दशहरा उत्सव एवं रावण दहन के लिए जारी की गई करीब ₹20 लाख की निविदा को लेकर शहर की राजनीति गरमा गई है। बिलासपुर कांग्रेस कमेटी ने प्रेस वार्ता आयोजित कर नगर निगम प्रशासन और सत्तारूढ़ पक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आयोजन में कथित फिजूलखर्ची और त्योहारों के सरकारीकरण का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता के दौरान नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि दैनिक समाचार पत्रों में निविदा जारी होने के बावजूद नगर निगम की महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने आयोजन की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई है। कांग्रेस ने सवाल किया कि यदि आयोजन से संबंधित प्रस्ताव मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) में पारित हुआ है, तो महापौर को इसकी जानकारी क्यों नहीं है और यदि प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है तो बिना स्वीकृति के निविदा कैसे जारी कर दी गई?
साइंस कॉलेज मैदान में निगम के हस्तक्षेप पर सवाल
कांग्रेस ने कहा कि साइंस कॉलेज मैदान में स्थानीय समिति द्वारा वर्षों से अपने खर्च पर रावण दहन का आयोजन किया जाता रहा है। ऐसे में नगर निगम द्वारा उसी स्थान पर अलग से आयोजन कराने और सरकारी राशि खर्च करने की जरूरत पर सवाल उठाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी पूछा कि जब पुलिस ग्राउंड में नगर निगम का आधिकारिक दशहरा आयोजन पहले से किया जाता है, तो साइंस कॉलेज मैदान के लिए अलग से ₹20 लाख की निविदा क्यों जारी की गई? कांग्रेस ने कहा कि इससे निगम के धन के दोहरे इस्तेमाल और फिजूलखर्ची की आशंका पैदा होती है।
₹20 लाख के टेंडर पर कांग्रेस ने मांगा हिसाब
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि साइंस कॉलेज मैदान में होने वाले रावण दहन कार्यक्रम का वास्तविक खर्च करीब ₹4 लाख के आसपास आता है, जबकि इसके लिए ₹20 लाख की निविदा जारी की गई है। कांग्रेस ने रावण के पुतले को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आम तौर पर करीब ₹50 हजार में बनने वाले पुतले के लिए ₹6 लाख का प्रस्ताव रखा गया है।
कांग्रेस ने व्यंग्य करते हुए सवाल किया कि “क्या नगर निगम इस बार सोने का रावण जलाने वाली है?”
हालांकि, निविदा की वास्तविक लागत, स्वीकृत मदों और प्रस्तावित खर्च की आधिकारिक जानकारी नगर निगम प्रशासन की ओर से स्पष्ट किए जाने के बाद ही इन दावों की पूरी स्थिति सामने आ सकेगी।
त्योहारों के सरकारीकरण का लगाया आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों को इस तरह सरकारी नियंत्रण में लेना उचित परंपरा नहीं है। पार्टी नेताओं ने कहा कि स्थानीय समितियां और नागरिक लंबे समय से अपने स्तर पर त्योहारों का आयोजन करते आए हैं। ऐसे आयोजनों में नगर निगम के बड़े बजट के इस्तेमाल के बजाय राशि को सड़क, नाली, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जनहित के कार्यों में खर्च किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने खर्च उठाने की पेशकश की
बिलासपुर कांग्रेस कमेटी ने कहा कि यदि साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन के आयोजन के लिए खर्च की आवश्यकता है, तो कांग्रेस अपने सहयोग से आयोजन का पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार है। कांग्रेस ने नगर निगम से मांग की कि ₹20 लाख की राशि को शहर की बुनियादी सुविधाओं और जनहित के कार्यों में लगाया जाए।
कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि यदि नगर निगम सार्वजनिक रूप से रावण दहन का आयोजन कराना चाहता है, तो केवल साइंस कॉलेज मैदान को ही इसके लिए क्यों चुना जा रहा है। पार्टी ने शहर के सभी विधानसभा क्षेत्रों और वार्डों में समान रूप से आयोजन की व्यवस्था किए जाने की मांग रखी।
इसके साथ ही कांग्रेस ने पूर्व में पारित एमआईसी प्रस्ताव के तहत पुलिस ग्राउंड और साइंस कॉलेज मैदान में पुतला दहन की स्वीकृत प्रक्रिया की स्थिति भी सार्वजनिक करने की मांग की है।
कांग्रेस ने कहा कि नगर निगम को दशहरा उत्सव की निविदा और उससे जुड़े खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि शहरवासियों के सामने आयोजन की प्रक्रिया और बजट को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।







