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स्कूलों में अव्यवस्थाओं के कारण टपकती छत, स्कूली बच्चों की जान पर मड़रा रहा खतरा

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(संवाददाता – हनुमान प्रसाद यादव)
एमसीबी/ विकासखंड भरतपुर के प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक मसर्रा  स्कूल की बदहाल तस्वीर सामने आई है। वहीं शासन स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा  व्यवस्था तथा जर्जर भवनों की स्थिति को देखते हुए, नए भवनों की स्वीकृति,  कहीं किसी प्रकार के बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में परेशानी न हो, सभी प्रकार के सुविधा उपलब्ध कराने पर तत्पर है, लेकिन जमीनी स्तर पर संबंधित निर्माण एजेंसी के घोर लापरवाही के वजह से आज देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चों की जान खतरे में है। वहीं  बेहतर शिक्षा और सुविधाएं दोनों फेल हो रहें हैं। आज जर्जर इमारत ने बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
एमसीबी जिले में पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है।बारिश में स्कूल के क्लास रूम टपक रहे हैं।कुछ कमरों की स्थिति इतनी खराब है, कि सुरक्षा के मद्देनजर उसे खाली किया गया है।हालात ऐसे हैं कि बारिश के दौरान बच्चों के बैग और किताबें तक पानी से गीले हो रहे हैं। इसके बावजूद बच्चे अव्यवस्थाओं के बीच पढाई कर रहे हैं।
वहीं पढ़ने वाले छात्र, छात्राओं ने बताया कि पानी आता है, तब छत से पानी टपकता है, हम लोगों को डर लगता है कि छत कहीं गिर ना जाए, हम लोगों की कॉपी किताब भींग जाते हैं।  पढ़ाई करने में दिक्कत होती है,शिकायत के बाद भी  समाधान नहीं हो रहा है।
 छात्र, छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्कूलों में क्लास रूम का बेहतर होना जरूरी है, लेकिन यहां  सुविधाओं की स्थिति ही सवालों के घेरे में है।
लगातार बारिश के कारण स्कूलों में हो रही अव्यवस्थाओं को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाए जिससे  किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।  भरतपुर  खंड शिक्षा अधिकारी से फोन संपर्क में लिया गया, तो उनके द्वारा कहा गया कि बच्चों को सुरक्षित जगह में बैठने के लिए निर्देशित कर दिया गया है ,बच्चों की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी सख्त निर्देश दिए गए हैं। लगातार बारिश होने पर विद्यालयों के छत टपकने लगते हैं यह निर्माण एजेंसी और तकनीकी सहायकों की मेहरबानी है। जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।

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